Shimla News: शिमला में 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी की 35वीं पुण्यतिथि को शहीदी दिवस और सद्भावना दिवस के रूप में मनाया गया। छोटा शिमला स्थित सद्भावना चौक पर नगर निगम की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में मंत्री, कांग्रेस नेता, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि और किए विचार साझा
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल, राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार सहित कई नेताओं ने भाग लिया। नेताओं ने कहा कि राजीव गांधी ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने तकनीक, युवा सशक्तिकरण और विकास को नई दिशा दी।
राष्ट्रीय एकता और सद्भावना की ली शपथ
इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों को देश की एकता, अखंडता, अहिंसा और सहनशीलता की शपथ दिलाई गई। नेताओं ने कहा कि आज के समय में सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आपसी भाईचारे और शांति का संदेश देना भी रहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दी गई श्रद्धांजलि
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने देशभक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भावुक बना दिया। संगीत और प्रस्तुतियों के माध्यम से राजीव गांधी के योगदान को याद किया गया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
राजीव गांधी के विचार और योगदान
नेताओं ने कहा कि राजीव गांधी के दूरदर्शी फैसले आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने भारत को डिजिटल और तकनीकी दिशा देने की शुरुआत की थी। उनका संदेश था कि देश की प्रगति तभी संभव है जब युवा आगे आएं और विकास में भागीदारी निभाएं।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में एक चुनावी रैली के दौरान हुए आत्मघाती हमले में उनकी हत्या कर दी गई थी। यह घटना Assassination of Rajiv Gandhi के रूप में इतिहास में दर्ज है। उनकी पुण्यतिथि को देशभर में शहीदी दिवस और सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है।
