मुंबई के बान्द्रा इलाके में बीते मंगलवार शाम को अभिनेत्री डेज़ी शाह के फ्लैट के पास अचानक आग लग गई। यह आग इतनी तेज थी कि आसपास के लोग डर गए और अफरातफरी मच गई। सोशल मीडिया पर भी इसका वीडियो वायरल हुआ, जिसमें देखा जा सकता है कि लोग आग को बुझाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आग उस समय लगी जब चुनाव प्रचार के दौरान कुछ लोग पटाखे फोड़ रहे थे। डेज़ी शाह ने इस घटना का वीडियो अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया और लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
डेज़ी शाह का गुस्सा – “यह बेवकूफी है”
डेज़ी शाह ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह घटना चुनाव प्रचार के दौरान लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार की वजह से हुई। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार का मतलब लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालना नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आगे लिखा कि “जब आप किसी को प्रचार के लिए भेजते हैं, तो उन्हें सामान्य समझ होनी चाहिए। यह बिलकुल अस्वीकार्य है कि रेजिडेंशियल इलाके में पटाखे फोड़कर आग लग जाए।”
डेज़ी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन ऐसे व्यवहार को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
चुनाव प्रचार और सुरक्षा की चिंता
यह घटना बीएमसी चुनाव 2026 के समय हुई है। चुनाव प्रचार में अक्सर रैलियाँ और जनसभाएँ होती हैं। लेकिन इस तरह की लापरवाही नागरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि डेज़ी शाह की बिल्डिंग समिति ने चुनाव प्रचार टीमों को बिल्डिंग के अंदर प्रचार करने से मना किया था। बावजूद इसके बाहर पटाखे फोड़ने की वजह से आग लग गई।
डेज़ी शाह ने कहा कि यह कोई प्राकृतिक घटना नहीं है, बल्कि लोगों की सिविक सेंस की कमी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों और पार्टी टीमों को नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
डेज़ी शाह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में अभिनेत्री आग लगने के बाद अपनी चिंता व्यक्त करती दिख रही हैं और सुरक्षा कर्मियों से मदद मांगती हैं।
लोगों ने उनके समर्थन में प्रतिक्रिया दी है और कहा कि चुनाव प्रचार में ऐसी लापरवाही ठीक नहीं है। कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या रेजिडेंशियल इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान पटाखे फोड़ना सही है। इस घटना ने सिविक सेंस, चुनाव प्रचार के नियम और नागरिक सुरक्षा पर बहस शुरू कर दी है।
प्रशासन और आगे की उम्मीद
अब तक किसी राजनीतिक दल या प्रशासन की तरफ से इस घटना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि चुनाव प्रचार में सुरक्षा नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। अगर जिम्मेदार लोग सतर्क रहते, तो शायद यह आग लगने की घटना नहीं होती।
डेज़ी शाह ने अपनी पोस्ट में यह संदेश भी दिया कि चुनाव प्रचार और नागरिक सुरक्षा साथ-साथ चल सकते हैं, बस ज़िम्मेदारी और समझदारी की जरूरत है।
