Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने हाल ही में कहा कि आने वाले समय में एशिया का भविष्य भारत और वियतनाम के entrepreneurs और innovators मिलकर तय करेंगे। मुंबई में आयोजित इंडिया-वियतनाम बिजनेस फोरम में उन्होंने बड़ी ही सकारात्मक और उम्मीद भरी बात कही। उनका मानना है कि दोनों देशों के युवा talent, technology और नए ideas के दम पर दुनिया में नई पहचान बना सकते हैं।
युवाओं की सोच बदल रही है दुनिया
फडणवीस ने कहा कि आज का दौर सिर्फ traditional business का नहीं रहा। अब startups, AI, fintech, EVs और digital technology जैसी चीजें दुनिया की economy को बदल रही हैं। भारत और वियतनाम दोनों ही देशों में बड़ी संख्या में युवा नई सोच के साथ काम कर रहे हैं। यही वजह है कि global companies भी इन देशों की तरफ तेजी से आकर्षित हो रही हैं।
उन्होंने बेहद आसान शब्दों में कहा कि अगर सरकार सही support दे और business-friendly माहौल बनाए, तो युवा किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं। भारत और वियतनाम के पास यही energy और potential मौजूद है।
महाराष्ट्र निवेशकों के लिए बना पसंदीदा राज्य
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र की आर्थिक ताकत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मुंबई, पुणे और नवी मुंबई जैसे शहर तेजी से innovation hubs बनते जा रहे हैं। यहां startups, automobile companies, IT firms और manufacturing sector में लगातार growth देखने को मिल रही है।उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में infrastructure, ports, metro connectivity और industrial projects तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि विदेशी निवेशक राज्य में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। वियतनाम की बड़ी कंपनियां भी अब महाराष्ट्र में investment बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
टेक्नोलॉजी और व्यापार पर रहेगा फोकस
इंडिया-वियतनाम बिजनेस फोरम में EV batteries, semiconductors, cyber security, logistics और AI जैसे sectors में partnership बढ़ाने पर चर्चा हुई। फडणवीस ने कहा कि आने वाला समय technology-driven economy का होगा और जो देश innovation पर काम करेंगे, वही आगे निकलेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि भारत और वियतनाम के बीच direct business connectivity बढ़ाने की जरूरत है। इससे tourism, trade और startup culture को काफी फायदा मिलेगा।
एशिया के लिए नई उम्मीद
फडणवीस की बातों में एक अलग confidence देखने को मिला। उन्होंने साफ कहा कि भारत और वियतनाम सिर्फ business partners नहीं, बल्कि future growth partners हैं।आज जब पूरी दुनिया नए economic opportunities तलाश रही है, ऐसे में भारत और वियतनाम की बढ़ती दोस्ती एशिया के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। आने वाले वर्षों में दोनों देशों के युवा entrepreneurs और innovators मिलकर एशिया की growth story को नई ऊंचाई दे सकते हैं।
