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Aligarh Bribery Case: बिजली विभाग के बाबू पर एंटी करप्शन का शिकंजा, शिकायत के बाद हुआ गिरफ्तार

Aligarh News: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एंटी करप्शन टीम ने बिजली विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई इस कार्रवाई पर संतोष जताया है।

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जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग में तैनात बाबू प्रभात कुमार गुप्ता पर एक कंपनी का बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन विभाग ने पूरी योजना बनाकर आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई की।

बिल पास कराने के बदले मांगे थे रुपये

एंटी करप्शन थाना के इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली से जुड़े काम कराने के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया गया था। कंपनी के करीब 4.34 लाख रुपये के बिल स्वीकृत होने थे। आरोप है कि इन बिलों को पास कराने के लिए इगलास विद्युत वितरण खंड में तैनात बाबू प्रभात कुमार गुप्ता ने 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

कंपनी के अधिकृत अधिकारी ने इस मामले की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की। शिकायत मिलने के बाद टीम ने पूरे मामले की जांच की और कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।

ऐसे पकड़ा गया आरोपी

बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे कंपनी का प्रतिनिधि तय रकम लेकर इगलास विद्युत वितरण खंड के लेखा अनुभाग कार्यालय पहुंचा। यह कार्यालय कक्ष संख्या पांच में स्थित है।

जैसे ही आरोपी बाबू ने रिश्वत की रकम अपने पास ली, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। अधिकारियों ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

लखनऊ का रहने वाला है आरोपी

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी प्रभात कुमार गुप्ता मूल रूप से लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के बालागंज इलाके का रहने वाला है। फिलहाल वह अलीगढ़ में किराये के मकान में रह रहा था।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी जरूरी तथ्यों को रिकॉर्ड में लिया जा रहा है।

लोगों को दी गई शिकायत करने की सलाह

इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह ने कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सरकारी योजना का लाभ दिलाने, फाइल आगे बढ़ाने या किसी काम को पूरा करने के बदले रिश्वत या अतिरिक्त पैसे की मांग करता है, तो इसकी तुरंत सूचना एंटी करप्शन विभाग को देनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इससे लोगों को बिना किसी डर के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने में मदद मिलती है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

अलीगढ़ में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश माना जा रहा है। एंटी करप्शन विभाग का कहना है कि रिश्वतखोरी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।

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