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फरीदाबाद में सरकारी रिकॉर्ड की गजब गलती, जिंदा बुजुर्ग को दिखा दिया मृत, पेंशन भी रोकी

UP News:फरीदाबाद में सरकारी रिकॉर्ड की एक हैरान करने वाली गलती ने 80 साल के बुजुर्ग सुरजन सिंह की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एनआईटी-5 निवासी सुरजन सिंह का आरोप है कि उन्हें पेंशन रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। पिछले करीब डेढ़ साल से उनकी पेंशन बंद है। अपनी बात साबित करने के लिए वह तीसरी बार अधिकारियों के सामने खुद के जीवित होने का सबूत लेकर पहुंचे, लेकिन समाधान शिविर में भी उनकी समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो सका।

बार-बार दफ्तर जाने की हालत नहीं

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सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में सुरजन सिंह ने अधिकारियों से भावुक अपील की। उन्होंने बताया कि उम्र अधिक होने के कारण उनके पैरों में इतनी ताकत नहीं है कि वह बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा सकें। उन्हें बिना सहारे चलने-फिरने में भी परेशानी होती है।

सबसे हैरानी की बात यह है कि परिवार पहचान पत्र (PPP) में वह जीवित दर्ज हैं, लेकिन पेंशन आईडी में उन्हें मृत दिखाया गया है। शिकायत और जरूरी दस्तावेज देने के बावजूद समस्या लंबे समय से बनी हुई है।

पत्नी की आय भी रिकॉर्ड में बढ़ी

सुरजन सिंह की 80 वर्षीय पत्नी प्रीतम कौर भी बीमार हैं और बिस्तर पर हैं। उनका कहना है कि परिवार पहचान पत्र में पत्नी की आय 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी गई है। उनकी अपनी आय भी तीन लाख रुपये दिखाई जा रही है।

सुरजन सिंह का सवाल है कि जब दोनों पेंशनर हैं, तो रिकॉर्ड में उनकी आय इतनी अधिक कैसे दर्ज हो गई। इन गलतियों के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो रही है।

लकवाग्रस्त महिला भी महीनों से परेशान

समाधान शिविर में नंगला एनक्लेव पार्ट-2 निवासी सुमन देवी की समस्या भी सामने आई। वह लकवाग्रस्त हैं और बिना सहारे चल नहीं सकतीं। उनके पति प्रह्लाद सिंह ने बताया कि वह पिछले छह महीने से पेंशन बनवाने के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।

उनके पास पुराने पहचान पत्र और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज भी हैं, लेकिन इसके बावजूद पेंशन का काम पूरा नहीं हुआ। पत्नी की गंभीर स्थिति के कारण उन्हें सरकारी दफ्तर ले जाना भी बेहद मुश्किल है।

किसान भी जलभराव से परेशान

शिविर में किसान जयपाल सिंह ने खेतों में जलभराव की शिकायत की। उनके मुताबिक करीब 100 एकड़ में धान की फसल लगी है और दो महीने से खेतों में पानी भरा हुआ है। फसल पकने के समय पानी नहीं निकलने से नुकसान बढ़ने की आशंका है। सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद नहीं होने के कारण उन्हें अगली तारीख दे दी गई।

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