तिब्बती मार्केट पर बुलडोजर का खतरा
सहारनपुर के नेहरू मार्केट के पास स्थित तिब्बती मार्केट लंबे समय से अतिक्रमण का शिकार रहा है। महापौर ने हाल ही में स्थलीय निरीक्षण के दौरान अवैध अतिक्रमण, सड़क किनारे अस्थायी दुकानों और पैदल मार्ग पर कब्जे का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ये कब्जे न केवल यातायात को बाधित कर रहे हैं, बल्कि शहर की सुंदरता और सुरक्षा पर भी असर डाल रहे हैं। निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तत्काल नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करें।
दुकानदारों का पुरानी दुकानों का तर्क
मार्केट के दुकानदारों ने इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि उनकी दुकानें 50 साल पुरानी हैं और वे पीढ़ियों से यहीं व्यापार कर रहे हैं। तिब्बती समुदाय के व्यापारियों ने प्रशासन से अपील की है कि उनकी आजीविका पर असर न पड़े। कुछ दुकानदारों ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई उनके लिए विनाशकारी होगी। वे महापौर से गुहार लगा रहे हैं कि कम से कम नोटिस पीरियड बढ़ाया जाए।
महापौर के व्यापक निर्देश
महापौर ने केवल तिब्बती मार्केट तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने शहर के सभी पुलों के नीचे, सड़क किनारों और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने के सख्त आदेश दिए हैं। सहारनपुर में हाल के वर्षों में बुलडोजर कार्रवाई का सिलसिला तेज हुआ है। नगर निगम ने पहले भी कई अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाए हैं। इस बार भी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नोटिस के बाद भी अतिक्रमण न हटे तो बिना पूर्व सूचना बुलडोजर कार्रवाई होगी।
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान क्यों?
सहारनपुर जैसे शहरों में तेज शहरीकरण के कारण अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बन गया है। सड़कें संकरी हो गई हैं, यातायात जाम एक आम बात है। महापौर का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से न केवल ट्रैफिक सुधरेगा, बल्कि स्वच्छता और सुरक्षा भी बढ़ेगी। नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष टीम गठित कर दी है। दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान आवंटन का आश्वासन दिया गया है, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं हैं।
व्यापारियों और प्रशासन के बीच तनाव
दुकानदार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बिना बातचीत के बुलडोजर चले तो वे सड़क पर उतर आएंगे। दूसरी ओर, प्रशासन का रुख अडिग है। सहारनपुर के इस अभियान को योगी सरकार के “अतिक्रमण मुक्त शहर” अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पिछले वर्षों में यूपी के कई शहरों में इसी तरह की कार्रवाइयों ने राजनीतिक विवाद भी पैदा किए थे।
