उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की मंगलवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। हृदय संबंधी समस्या के बाद उन्हें पहले देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, फिर गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। ठाकुर 1999 के जमीन धोखाधड़ी मामले में जेल में हैं, जहां उनकी जमानत याचिका मंगलवार को ही खारिज हो चुकी थी।
तबीयत बिगड़ने का विवरण
जेल अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 11:30 बजे अमिताभ ठाकुर ने सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत की। जेल डॉक्टर ने प्राथमिक जांच की, फिर उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हृदय रोग विशेषज्ञ न होने पर उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया। वर्तमान में उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
ठाकुर के वकील प्रवीण द्विवेदी ने पुष्टि की कि जेल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। जेल अधीक्षक ने बताया कि ठाकुर को डिनर के बाद दिक्कत हुई।
जमीन धोखाधड़ी मामला और जमानत खारिज
अमिताभ ठाकुर को 10 दिसंबर 2025 को देवरिया पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोप है कि 1999 में देवरिया एसपी रहते उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के नाम पर जाली दस्तावेजों से औद्योगिक भूखंड हासिल किया। FIR लखनऊ के एक निवासी ने दर्ज कराई, जिसमें नाम और पता में हेराफेरी का आरोप है।
मंगलवार को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी ने जमानत याचिका खारिज कर दी। बचाव पक्ष ने राजनीतिक साजिश का दावा किया, लेकिन कोर्ट ने जांच जारी रहने का हवाला देकर रिमांड पर सुनवाई स्थगित कर दी।
ठाकुर का राजनीतिक सफर और विवाद
1991 बैच के पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ सक्रिय रहे। वे आजाद अधिकार सेना के संस्थापक हैं और योगी सरकार की आलोचना करते रहे। ठाकुर ने दावा किया कि गिरफ्तारी खांसी की सिरप कांड से जुड़ी आलोचना का बदला है। जेल में स्वास्थ्य जांच में BP और शुगर सामान्य पाया गया था।
जेल और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
ठाकुर की बिगड़ती तबीयत ने जेल स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाए। जेल डॉक्टर ने तुरंत कार्रवाई की, लेकिन विशेषज्ञ न होने पर रेफर करना पड़ा। वकील ने कहा कि रिमांड सुनवाई बुधवार को होगी।
