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PM Modi Cabinet: खराब प्रदर्शन के बाद भी मोदी की कैबिनेट में यूपी को खास महत्व

PM Modi Cabinet: नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री के तौर पर तीसरी बार शपथ लेने के बाद टीम मोदी नए कीर्तिमान लिखने के लिए तैयार है। इस बार सरकार में पीएम मोदी के अलावा 71 मंत्री शामिल हैं। इनमें 30 कैबिनेट, 5 स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्य मंत्री हैं। नई कैबिनेट में हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार को खास तवज्जो मिली है। वजह है इन राज्यों में जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने की चिंता।

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हरियाणा और महाराष्ट्र में इसी साल चुनाव हैं, जबकि बिहार में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होंगे। इसी वजह से हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर भी मोदी कैबिनेट में हैं और उनको मिलाकर यहां से कुल तीन सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली।

वहीं, महाराष्ट्र से छह सांसदों को मंत्री बनाया गया। मंत्रीमंडल में बिहार को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व मिला है। यहां से कुल आठ मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, जिसमें से चार को कैबिनेट पद मिले हैं।

यूपी में मात खाने के बाद भी मंत्रीमंडल में खास महत्व

मनमाफिक चुनावी नतीजे न आने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी टीम में यूपी को खास महत्व दिया है। पहले की अपेक्षा सांसदों की संख्या घटी है, मगर नये मंत्रीमंडल (PM Modi New Cabinet) में यूपी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 11 शामिल किए गए हैं। इसमें सर्वाधिक 5 ओबीसी चेहरे हैं। सहयोगियों के साथ ही सामाजिक समीकरण साधने का पूरा प्रयास किया गया है।

पिछली बार यूपी कोटे से 15 मंत्री थे, इस बार यूपी से प्रतिनिधित्व घटकर 11 रह गया है। मंत्रियों की संख्या चार कम हो गई है। यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन बिठाने पर भी जोर रहा है। पीएम के अलावा सबसे बड़े चेहरे के रूप में राजनाथ सिंह फिर केंद्र में यूपी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

यूपी में क्षेत्रीय संतुलन बिठाने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन बिठाने पर जोर रहा है। पिछली दो सरकारों के मुकाबले इस सरकार में काफी विविधता है। हर वर्ग और क्षेत्र तक पहुंच की व्यापकता इसमें ज्यादा दिखाई दे रही है। पीएम के अलावा सबसे बड़े चेहरे के रूप में राजनाथ सिंह फिर केंद्र में यूपी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सहयोगी दल रालोद के जयंत चौधरी और अपना दल की अनुप्रिया पटेल के साथ ही भाजपा कोटे के दो राज्यसभा सांसदों को भी फिर मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। भाजपा के हिस्से इस बार महज 33 और एनडीए की झोली में कुल 36 सीटें आई हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्रिमंडल में यूपी की हिस्सेदारी घटने की प्रबल संभावना थी।

दलितों के साथ अगड़े-पिछड़ों पर भी फोकस

यूपी में अब 2027 में विधानसभा चुनाव होंगे, इसके लिए यूपी को पूरी तवज्जो दी गई है। मोदी दूसरे कार्यकाल की बात करें तो उत्तर प्रदेश से प्रधानमंत्री सहित कुल 15 चेहरे शामिल थे। इसमें यूपी कोटे से राज्यसभा सांसद हरदीप पुरी भी शामिल हैं, जिन्हें इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी टीम में शामिल किया है। जनरल वीके सिंह को टिकट नहीं मिला था, जबकि बीएल वर्मा भी राज्यसभा सदस्य हैं। चुनाव लड़ने वाले दर्जन भर चेहरों में स्मृति ईरानी सहित सात केंद्रीय मंत्री चुनाव हार गए थे। इस बार लोकसभा चुनावों से मिले सबक के आधार पर भाजपा ने फिर दलितों को साधने के प्रयास के साथ ही अगडे-पिछडों पर ज्यादा फोकस किया है।

ज्यादा सीटें जीतने वाले योगी के गोरखपुर को तरजीह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह मंडल गोरखपुर को केंद्रीय मंत्रिमंडल (PM Modi Cabinet) में प्राथमिकता दी गई है। इसे मंडल की सभी सीटें जीतने के ईनाम के रूप में देखा जा सकता है। गोरक्ष क्षेत्र से टीम मोदी में दो चेहरों को जगह मिली है। इसमें महाराजगंज सीट से जीतने वाले निवर्तमान केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और बांसगांव सुरक्षित सीट से जीते कमलेश पासवान शामिल हैं।

वहीं बेहद खराब नतीजे देने वाले कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र को इस बार कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि अकबरपुर लोकसभा सीट से तीसरी बार सांसद चुने जाने वाले देवेंद्र सिंह भोले को आगे चलकर मंत्री बनाया जा सकता है।

पांच ओबीसी चेहरों को जगह 

यूपी में इस बार भाजपा के ओबीसी वोटों में छिटकाव की स्थिति देखने को मिली थी। यही कारण है कि सर्वाधिक तरजीह ओबीसी को ही दी गई है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कुल पांच ओबीसी चेहरे शामिल हैं। महाराजगंज से सातवीं बार जीतने वाले पंकज चौधरी को फिर मंत्री बनाया गया है। पंकज के साथ ही कुर्मी केंद्रित राजनीति करने वाले अपना दल (एस) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल को तीसरी बार मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। अनुप्रिया की पार्टी ने एक सीट जीती है।

जाट वोटों और किसानों पर भी नज़र

जाट बिरादरी से आने वाले जयंत चौधरी पहली बार केंद्र में मंत्री बनाए गए हैं। जयंत खुद राज्यसभा सदस्य हैं। रालोद ने दो सीटों पर जीत हासिल की है। यह अलग बात है कि रालोद से गठबंधन के बावजूद मुजफ्फरनगर सीट भाजपा हार गई। इस सीट से भाजपा का जाट चेहरा कहे जाने वाले संजीव बालियान मैदान में थे। चौथा ओबीसी चेहरा बीएल वर्मा हैं। राज्यसभा सदस्य बीएल वर्मा लोध जाति का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

कमलेश और बघेल के जरिए दलित साधे 

भाजपा ने यूपी कोटे से दो दलित चेहरों को केंद्रीय टीम में जगह दी है। पहला नाम आगरा सुरक्षित सीट से चुनाव जीतने वाले एसपी सिंह बघेल का है। बघेल मोदी के दूसरे कार्यकाल में भी पहले कानून मंत्रालय और फिर स्वास्थ्य राज्यमंत्री थे। वहीं बांसगांव सुरक्षित सीट से लोकसभा चुनाव जीतने वाले कमलेश पासवान को पहली बार केंद्रीय टीम में जगह दी गई है। कमलेश दलितों में पासवान बिरादरी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे वर्ष 2009 से लगातार इस सीट पर चौथी बार जीते हैं।

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