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Prayagraj Light Metro: प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, किसानों को मिलेगा चार गुना मुआवजा

Prayagraj Light Metro: प्रयागराज में लाइट मेट्रो परियोजना को लेकर बड़ा विकास देखने को मिल रहा है। शहर में ट्रैक और स्टेशन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके तहत लगभग 100 गांवों के किसानों को उनकी जमीन का सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलेगा। जो मकान इस परियोजना के तहत प्रभावित होंगे, उनके मालिकों को उनकी कीमत का दो गुना मुआवजा दिया जाएगा। मेट्रो निर्माण और संचालन के लिए 30 सदस्यों वाली मेट्रो काउंसिल बनाई जाएगी। लाइट मेट्रो दो फेज में चलेगी, पहला फेज बमरौली से झूंसी सिटी लेक तक और दूसरा फेज शांतिपुरम से छिवकी तक, जिससे शहरवासियों को यातायात में सुविधा मिलेगी और प्रयागराज को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।

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Prayagraj Light Metro

लाइट मेट्रो का मार्ग और स्टेशन

Prayagraj Light Metro दो रूटों पर चलेगी। पहला रूट बमरौली से झूंसी सिटी लेक तक 23 किलोमीटर का होगा, जिसमें 20 स्टेशन होंगे, जैसे बमरौली, शमीम मार्केट, प्रयागराज जंक्शन, सिविल लाइंस, झूंसी और सिटी लेक फारेस्ट स्टेशन। दूसरा रूट शांतिपुरम से छिवकी तक 21 किलोमीटर का होगा, जिसमें 19 स्टेशन होंगे, जैसे शांतिपुरम, फाफामऊ, एमएनएनआईटी, परेड मैदान, नैनी और छिवकी स्टेशन। हर स्टेशन पर मेट्रो एक से दो मिनट के लिए रुकेगी।

मुआवजा और भूमि अधिग्रहण

बमरौली, झूंसी, फाफामऊ और नैनी क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की जाएगी। किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिलेगा, जबकि मकानों के लिए उनकी कीमत का दो गुना मुआवजा तय किया गया है। इस काम के लिए 30 सदस्यों वाली मेट्रो काउंसिल बनाई जाएगी, जिसमें नगर विकास के प्रमुख सचिव, राज्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।

लाइट मेट्रो बनाम आम मेट्रो

Prayagraj Light Metro आम मेट्रो से छोटी होती है और इसमें केवल तीन डिब्बे होते हैं, जिनमें 200-300 यात्री बैठ सकते हैं। इसका ट्रैक सड़क के बराबर जमीन पर होता है और स्टेशन बस स्टैंड जैसे छोटे आकार के होंगे। यह उन इलाकों में अधिक उपयोगी है, जहां सड़क और फुटपाथ की चौड़ाई कम है।

लागत और परियोजना का महत्व

लाइट मेट्रो परियोजना में कुल 8747 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले फेज में बमरौली से झूंसी तक 23 किलोमीटर और दूसरे फेज में शांतिपुरम से छिवकी तक 21 किलोमीटर का मार्ग तय किया जाएगा। परियोजना पूरी होने पर शहरवासियों को यातायात में बेहद सुविधा होगी और प्रयागराज स्मार्ट सिटी की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाएगा।

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