Uttar Pradesh सरकार ने राज्य के विकास को नई रफ्तार देने के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘OTD CM फेलो’ नियुक्त किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की निगरानी को मजबूत करना, विकास कार्यों की गति बढ़ाना और जिलों की जरूरतों के अनुसार बेहतर रणनीति तैयार करना है।
हर जिले में दो विशेषज्ञों की होगी तैनाती
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जिले में दो फेलो नियुक्त किए जाएंगे। इनमें एक इकोनॉमिक डेवलपमेंट फेलो और दूसरा डेटा एनालिस्ट फेलो होगा। ये दोनों जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे और विकास योजनाओं की प्रगति का आकलन करेंगे।
इन विशेषज्ञों की नियुक्ति का मकसद सिर्फ आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि उन आंकड़ों का विश्लेषण कर विकास के लिए नई दिशा तय करना भी होगा।
विकास की नई रणनीति तैयार करेंगे फेलो
OTD CM फेलो जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर फोकस करेंगे। कृषि, उद्योग, निवेश, पर्यटन, रोजगार और आधारभूत ढांचे जैसे सेक्टरों की स्थिति का विश्लेषण कर सुधार के सुझाव देंगे।
इससे प्रशासन को यह समझने में आसानी होगी कि किस जिले में कौन सा क्षेत्र पिछड़ रहा है और वहां किस तरह की रणनीति अपनाई जानी चाहिए।
डिजिटल डैशबोर्ड से होगी मॉनिटरिंग
अब तक सरकारी योजनाओं की निगरानी अक्सर रिपोर्ट्स और देरी से मिलने वाले आंकड़ों पर निर्भर रहती थी। लेकिन नई व्यवस्था में पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी।
एक विशेष ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से हर योजना की प्रगति की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। इससे अधिकारियों को तुरंत जानकारी मिलेगी कि कौन सा जिला लक्ष्य से पीछे है और कहां तेजी लाने की जरूरत है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए कुछ जरूरी योग्यताएं तय की गई हैं। संबंधित विषय में पोस्टग्रेजुएट डिग्री होना अनिवार्य होगा और उम्मीदवार की अधिकतम आयु 40 वर्ष तक होनी चाहिए।
चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी—
- लिखित परीक्षा (50 अंक)
- प्रेफरेंशियल क्वालिफिकेशन (30 अंक)
- इंटरव्यू (20 अंक)
इस पूरी चयन प्रक्रिया की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन को सौंपी गई है।
सैलरी और सुविधाएं भी आकर्षक
चयनित उम्मीदवारों को हर महीने 50,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा लैपटॉप, यात्रा भत्ता और रहने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। शुरुआत में यह नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
युवाओं के लिए अवसर, राज्य के लिए नई दिशा
यह योजना सिर्फ सरकारी मॉनिटरिंग को मजबूत नहीं करेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और प्रशासनिक अनुभव का नया अवसर भी लेकर आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा आधारित नीति निर्माण और रियल टाइम निगरानी से राज्य के विकास मॉडल को और मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, Uttar Pradesh सरकार की यह पहल विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
