Safety Checks in a Coaching Centre: लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में लगी आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हादसे ने न सिर्फ कई परिवारों के सपनों को तोड़ा, बल्कि कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अक्सर छात्र और अभिभावक कोचिंग का चयन करते समय उसके रिजल्ट, फैकल्टी और फीस पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि किसी भी आपात स्थिति में यही सुरक्षा व्यवस्था जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकती है।
फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता जरूर देखें
कोचिंग सेंटर में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म और अन्य अग्निशमन उपकरण मौजूद हैं या नहीं, इसकी जांच जरूर करें। केवल उपकरण होना ही पर्याप्त नहीं है, यह भी सुनिश्चित करें कि वे सही स्थिति में काम कर रहे हों।
इमरजेंसी एग्जिट होना बेहद जरूरी
किसी भी बहुमंजिला भवन में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) होना अनिवार्य माना जाता है। यदि भवन में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग है, तो दुर्घटना की स्थिति में खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
भवन की वैधता और सरकारी अनुमति जांचें
कोचिंग जिस इमारत में संचालित हो रही है, क्या उसे स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से अनुमति प्राप्त है? भवन निर्माण नियमों का पालन किया गया है या नहीं, इसकी जानकारी लेना भी जरूरी है।
क्लासरूम में क्षमता से अधिक भीड़ न हो
कई संस्थान अधिक मुनाफे के लिए सीमित जगह में जरूरत से ज्यादा छात्रों को बैठाते हैं। अत्यधिक भीड़ किसी भी आपदा के दौरान निकासी प्रक्रिया को मुश्किल बना सकती है।
बिजली और वायरिंग की स्थिति पर ध्यान दें
अधिकांश अग्निकांड शॉर्ट सर्किट के कारण होते हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि भवन की वायरिंग, स्विच बोर्ड और विद्युत उपकरण सुरक्षित और नियमित रूप से मेंटेन किए जाते हैं या नहीं।
स्टाफ की तैयारी और सुरक्षा ड्रिल की जानकारी लें
क्या कोचिंग में समय-समय पर सुरक्षा अभ्यास (Safety Drill) कराया जाता है? क्या कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है? इन सवालों के जवाब भी दाखिले से पहले जरूर जान लें।
सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था भी है जरूरी
सुरक्षा केवल आग से बचाव तक सीमित नहीं है। परिसर में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और निगरानी की उचित व्यवस्था भी होनी चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा को प्राथमिकता बनाना समय की मांग
लखनऊ अग्निकांड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अभिभावकों और छात्रों को चाहिए कि वे किसी भी कोचिंग संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी सुरक्षा व्यवस्था की पूरी पड़ताल करें। थोड़ी सी सतर्कता भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोक सकती है।
