Educational : नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों के सामने कक्षा 9 की नई NCERT पाठ्यपुस्तकों की कमी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई थी। कई राज्यों से यह शिकायत मिल रही थी कि नई किताबें बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए National Council of Educational Research and Training (NCERT) ने छात्रों को राहत देते हुए सभी नई कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तकों को ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है।
किन विषयों की किताबें हैं उपलब्ध?
NCERT के अनुसार, कक्षा 9 की कई महत्वपूर्ण विषयों की किताबें डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें संस्कृत, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, हिंदी, उर्दू और शारीरिक शिक्षा जैसे विषय शामिल हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक पोर्टल से ही किताबें डाउनलोड करें ताकि उन्हें सही और अपडेटेड कंटेंट मिल सके।
किताबों की कमी से पढ़ाई पर असर
देश के कई राज्यों में नई शैक्षणिक पुस्तकों की प्रिंटेड कॉपियां अभी तक स्कूलों और बाजारों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई हैं। इसका असर स्कूलों में पढ़ाई की शुरुआत पर पड़ रहा है। कई शिक्षकों का कहना है कि पाठ्यक्रम अपडेट होने के बावजूद किताबें न मिलने से पढ़ाई व्यवस्थित तरीके से शुरू करना मुश्किल हो रहा है।
कुछ निजी स्कूलों ने ऑनलाइन किताबों का उपयोग शुरू कर दिया है, लेकिन हर छात्र के पास डिजिटल संसाधनों की सुविधा नहीं है।
ग्रामीण छात्रों के सामने चुनौती
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन किताबें पूरी तरह समाधान साबित नहीं हो रही हैं। इंटरनेट की कमजोर सुविधा और स्मार्टफोन की कमी के कारण कई छात्र PDF डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं। कुछ छात्र मोबाइल के जरिए आपस में PDF साझा कर पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन यह लंबे समय तक व्यवहारिक विकल्प नहीं माना जा सकता।
महंगे दामों पर बिक रहीं किताबें
शहरी इलाकों में भी कई अभिभावकों ने शिकायत की है कि बाजार में किताबें उपलब्ध नहीं हैं, और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इन्हें ज्यादा कीमतों पर बेचा जा रहा है। ऐसे में NCERT की आधिकारिक वेबसाइट से मुफ्त डाउनलोड का विकल्प छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है।
डिजिटल विकल्प से मिली तात्कालिक राहत
हालांकि विशेषज्ञों और शिक्षकों का मानना है कि डिजिटल किताबें फिलहाल पढ़ाई को जारी रखने में मदद कर सकती हैं, लेकिन लंबे समय के लिए प्रिंटेड किताबों की आवश्यकता बनी रहेगी। हर छात्र के पास डिजिटल उपकरण और इंटर
