Mental Health: कोरोना महामारी के बाद से वर्क फ्रॉम होम कई लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। घर से काम करने से ऑफिस आने-जाने में लगने वाला समय बचता है और काम में लचीलापन भी मिलता है। हालांकि, इसके साथ कुछ ऐसी चुनौतियां भी जुड़ी हैं जो धीरे-धीरे मानसिक तनाव और एंग्जायटी का कारण बन सकती हैं।
लगातार ऑनलाइन रहना, मीटिंग्स में शामिल होना, ईमेल और मैसेज का जवाब देना, साथ ही काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना कई कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो तनाव बढ़ सकता है।
अलग वर्क स्पेस बनाना है जरूरी
वर्क फ्रॉम होम के दौरान सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग घर के किसी भी कोने में बैठकर काम करने लगते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि काम के लिए एक निश्चित और शांत जगह तय करनी चाहिए।
ऐसी जगह चुनें जहां शोर-शराबा कम हो और आपका ध्यान भंग न हो। जब दिमाग को यह संकेत मिलता है कि यह जगह सिर्फ काम के लिए है, तो फोकस बेहतर रहता है और काम का दबाव भी कम महसूस होता है।
लगातार काम करने की बजाय लें छोटे-छोटे ब्रेक
घंटों तक लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहने से मानसिक थकान बढ़ती है। इसलिए हर कुछ घंटों में 10 से 15 मिनट का छोटा ब्रेक लेना जरूरी है।
इस दौरान हल्की स्ट्रेचिंग करें, कमरे में टहलें या कुछ देर खुली हवा में समय बिताएं। यदि किसी कॉल पर बात करनी है तो चलते-फिरते बातचीत करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे शरीर और दिमाग दोनों को राहत मिलती है।
सुबह की शुरुआत शांत तरीके से करें
वर्क फ्रॉम होम में ऑफिस पहुंचने की जल्दबाजी नहीं होती, इसलिए सुबह की शुरुआत आरामदायक तरीके से की जा सकती है।
उठने के बाद कुछ मिनट गहरी सांस लेने, हल्की वॉक करने या योग करने से पूरे दिन के लिए सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा पौष्टिक नाश्ता करना भी जरूरी है, जिससे शरीर और दिमाग दोनों सक्रिय रहते हैं।
काम खत्म होने के बाद नोटिफिकेशन से बनाएं दूरी
कई लोग ऑफिस का समय खत्म होने के बाद भी लगातार ईमेल और चैट चेक करते रहते हैं। इससे मानसिक दबाव बना रहता है और आराम का समय भी प्रभावित होता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि काम का समय खत्म होने के बाद ऑफिस से जुड़े नोटिफिकेशन को सीमित कर देना चाहिए। इससे दिमाग को आराम मिलता है और अगले दिन बेहतर तरीके से काम किया जा सकता है।
वीकेंड को बनाएं रिचार्ज का मौका
सप्ताह भर काम करने के बाद वीकेंड को सिर्फ आराम और अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। सुबह की सैर, साइकिलिंग, दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना या प्रकृति के बीच कुछ समय गुजारना तनाव कम करने में मदद करता है।
