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3 साल की मासूम स्कूल वैन में रह गई अकेली, घर पहुंचकर जो बताया उससे कांप उठा परिवार

Mumbai News: नवी मुंबई से बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां स्कूल से घर लौट रही 3 साल की बच्ची के साथ स्कूल वैन में कथित यौन अपराध किए जाने का आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने वैन चालक को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

आखिरी ड्रॉप पर वैन में अकेली रह गई मासूम

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जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे आरोपी चालक कामोठे इलाके के एक किंडरगार्टन और प्राइमरी स्कूल के बच्चों को उनके घर छोड़ने निकला था। शुरुआत में वैन में कई बच्चे मौजूद थे।

चालक एक-एक करके बच्चों को उनके घर छोड़ता गया। बताया जा रहा है कि इस रूट पर बच्ची का घर सबसे आखिर में था। बाकी बच्चों के उतरने के बाद वह वैन में अकेली रह गई।आरोप है कि इसी दौरान चालक ने बच्ची के साथ कथित तौर पर अपराध किया।

घर पहुंचते ही मां को बताई पूरी बात

बच्ची जब घर पहुंची तो उसने अपनी मां से कहा कि ड्राइवर अंकल ने उसे बहुत परेशान किया है। बच्ची ने पेट में दर्द होने की बात भी कही।

इतनी छोटी बच्ची की बात सुनकर परिवार को तुरंत शक हुआ कि कुछ गलत हुआ है। परिजनों ने बिना देर किए पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी वैन चालक को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी को कोर्ट में किया गया पेश

गिरफ्तारी के बाद आरोपी चालक को पनवेल कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे शनिवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में बच्ची के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और वैन की सुरक्षा व्यवस्था जैसे पहलुओं को शामिल किया जा सकता है।

स्कूल वैन की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने स्कूल वैन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर छोटे बच्चों के मामले में यह जरूरी है कि स्कूल से घर तक की यात्रा के दौरान उनकी निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था हो।

अभिभावक अब यह सवाल पूछ सकते हैं कि वैन चालक का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ था या नहीं और वाहन में बच्चों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से इंतजाम किए गए थे।

बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी जरूरी

माता-पिता को बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार यह समझाना चाहिए कि अगर कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए या गलत तरीके से छुए, तो वे तुरंत किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को बताएं।

स्कूल प्रशासन और वाहन संचालकों की भी जिम्मेदारी है कि ड्राइवर और कर्मचारियों का उचित सत्यापन हो। बच्चों की उपस्थिति का रिकॉर्ड, निर्धारित रूट और जरूरत के मुताबिक निगरानी व्यवस्था जैसे कदम सुरक्षा को बेहतर बना सकते हैं।

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