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Weather Alert: क्या इस बार सर्दियों होंगी बेअसर ? मजबूत El Niño से बढ़ी रही मौसम वैज्ञानिकों की चिंता

Weather Alert: दुनिया के मौसम में लगातार हो रहे बदलावों के बीच El Niño को लेकर नई चेतावनी सामने आई है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के 3 सितंबर 2026 के अपडेट के मुताबिक प्रशांत महासागर में El Niño स्थापित हो चुका है और आने वाले महीनों में इसके और मजबूत होने का अनुमान है। इसके साल के अंत के आसपास चरम पर पहुंचने की संभावना जताई गई है।

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WMO के अनुसार सितंबर-नवंबर 2026 और दिसंबर 2026-फरवरी 2027 की अवधि में El Niño के बने रहने की संभावना करीब 100 प्रतिशत है। हालांकि, किसी क्षेत्र में इसका प्रभाव कितना गंभीर होगा, यह केवल El Niño की ताकत से तय नहीं होता। स्थानीय परिस्थितियां और दूसरे समुद्री-वायुमंडलीय कारक भी इसमें भूमिका निभाते हैं।

भारत समेत कई क्षेत्रों में बदल सकता है मौसम

बहुत मजबूत El Niño दुनियाभर में बारिश और तापमान के सामान्य पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। WMO ने सितंबर-नवंबर 2026 के दौरान दुनिया के लगभग सभी भू-भागों में सामान्य से अधिक तापमान की संभावना जताई है। वहीं बारिश का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकता है—कहीं ज्यादा बारिश तो कहीं कम बारिश की स्थिति बन सकती है।

समुद्र का बढ़ता तापमान बना अहम संकेत

El Niño की स्थिति मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के समुद्री तापमान से जुड़ी होती है। WMO के मुताबिक इस समय उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से काफी अधिक है और यह स्थिति El Niño को और मजबूत करने में मदद कर रही है। NOAA के अगस्त 2026 के आकलन में भी El Niño के मजबूत होने और उत्तरी गोलार्ध की शरद व सर्दियों में बहुत मजबूत घटना की 90 प्रतिशत से अधिक संभावना बताई गई थी।

बाढ़, सूखा और गर्मी का बढ़ सकता है जोखिम

WMO का कहना है कि बहुत मजबूत El Niño दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़, सूखा और अत्यधिक गर्मी जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर देश या क्षेत्र में एक जैसा मौसम देखने को मिलेगा।

इसलिए “इस बार सर्दी नहीं आएगी” जैसी बात को निश्चित भविष्यवाणी के बजाय संभावित मौसमी बदलाव के संदर्भ में देखना चाहिए। आने वाले महीनों में मौसम एजेंसियों के अपडेट से भारत और अन्य क्षेत्रों में वास्तविक प्रभाव की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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