Jharkhand Student Protest: झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना रुख साफ कर दिया है। जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा समय तक केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर चुके दीपके ने कहा कि वह खुद रांची जाकर प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे। उनका कहना है कि आंदोलन का फोकस उनसे हटकर उसके वास्तविक नेतृत्वकर्ता देवेंद्र नाथ महतो पर ही रहना चाहिए।
‘वहां जाकर अपना चेहरा चमकाना काम नहीं’
छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे बार-बार झारखंड जाने को लेकर सवाल किया गया तो दीपके ने कहा कि उनकी टीम पहले ही वहां पहुंच चुकी है और आंदोलनकारियों की मदद कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के नेता देवेंद्र नाथ महतो हैं, जो कई दिनों से अनशन पर हैं। उनकी टीम लगातार आंदोलन को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। दीपके ने कहा कि वह नहीं चाहते कि आंदोलन से फोकस हटे।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “वहां जाकर अपना चेहरा चमकाना हमारा काम नहीं है।” उनके मुताबिक महत्वपूर्ण यह है कि उनकी टीम और वह छात्रों की लड़ाई में कितना साथ दे रहे हैं।
रांची में लाठीचार्ज पर जताई नाराजगी
अभिजीत दीपके ने रांची में विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर कथित बल प्रयोग की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों पर आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया गया, जो गलत है।
दीपके ने सवाल उठाया कि जब राजनीतिक दल प्रदर्शन करते हैं तो उनके खिलाफ इसी तरह लाठीचार्ज या आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता और छात्रों के आंदोलनों में ही ऐसी कार्रवाई क्यों देखने को मिलती है।
देवेंद्र महतो की स्थिति पर भी जताई चिंता
दीपके ने दावा किया कि उनकी देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत हुई है और उन्हें बताया गया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि महतो अस्पताल में हैं और उनकी हालत चिंताजनक बताई गई है।
दीपके ने सरकारों से अपील की कि छात्रों की मांगों और उनके भविष्य से जुड़े आंदोलनों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों और भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज और कथित क्रूर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
