CJP Jantar Mantar Season 2: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि ‘जंतर-मंतर सीजन-2’ जल्द शुरू होगा।दिपके के मुताबिक, देशभर के युवा सोशल मीडिया के जरिए आंदोलन के अगले चरण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछला आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अब इसे देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की तैयारी है।
बैठक रद्द होने पर बीजेपी पर लगाया आरोप
सीजेपी का दावा है कि दिल्ली के नारायणा इलाके में स्वयंसेवकों की बैठक के लिए एक बैंक्वेट हॉल बुक किया गया था, लेकिन कार्यक्रम से ठीक पहले हॉल मालिक ने बुकिंग रद्द कर दी।अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि हॉल मालिक पर सत्तारूढ़ बीजेपी की ओर से दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश की गई, लेकिन कथित राजनीतिक दबाव के चलते जगह नहीं मिल सकी।
‘सरकार युवाओं से डर रही है’
दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से घबरा रही है। उन्होंने कहा कि धमकियों या दबाव से पार्टी का अभियान रुकने वाला नहीं है और सीजेपी अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
देशभर में शुरू होगा ‘लिसनिंग टूर’
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि पार्टी अब देशभर में ‘लिसनिंग टूर’ शुरू करेगी। इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता छात्रों, शिक्षकों, बेरोजगार युवाओं और अभिभावकों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे।पार्टी के मुताबिक, शिक्षा, रोजगार, परीक्षा प्रणाली और युवाओं से जुड़े मुद्दों को इस अभियान के केंद्र में रखा जाएगा।
सौरव दास ने पुलिस कार्रवाई का लगाया आरोप
इसी बीच सौरव दास ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पुदुचेरी पुलिस उनके परिवार के घर पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। उन्होंने इसे कथित तौर पर डराने की कोशिश बताया और सवाल उठाया कि पुलिस की कार्रवाई किस आधार पर की गई।दास ने आरोप लगाया कि इसके पीछे बीजेपी सरकार का दबाव है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
36 दिन चला था पहला आंदोलन
सीजेपी का पहला जंतर-मंतर आंदोलन 36 दिनों तक चला था। पार्टी के अनुसार, आंदोलन मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया था।अब सीजेपी का दावा है कि आंदोलन का दूसरा चरण पहले से ज्यादा व्यापक होगा और इसमें शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
