धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल के आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में कई मकानों और दुकानों के शीशे टूट गए। सड़क से गुजर रही एक थार गाड़ी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
खुदाई के दौरान फटी गैस पाइपलाइन
जानकारी के मुताबिक, गोबरसही इलाके में नाला बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान सड़क की खुदाई के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोप है कि खुदाई के दौरान मशीन से जमीन के नीचे मौजूद पीएनजी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
पाइपलाइन टूटते ही तेज दबाव से गैस बाहर निकलने लगी। देखते ही देखते गैस में आग लग गई और इलाके में आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। धमाके के बाद आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
थार गाड़ी के उड़े परखच्चे, कई लोग घायल
इस हादसे में सड़क से गुजर रही एक थार गाड़ी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी पर जेडीयू का झंडा लगा होने की बात सामने आई है। शुरुआती खबरों में वाहन में सवार लोगों के हताहत होने की सूचना भी दी गई, हालांकि प्रशासन ने उस समय मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी।
एसडीएम (पूर्वी) आनंद उत्सव के मुताबिक, हादसे में तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी मिली थी। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। उन्होंने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और राहत-बचाव कार्य जारी है।
दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा
धमाके और आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने और इलाके को सुरक्षित करने के लिए प्रयास शुरू किए गए। घटनास्थल पर पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौजूद रहीं।
एफएसएल टीम ने शुरू की जांच
घटना के करीब चार घंटे बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने शुरू किए, ताकि हादसे की वजह और नुकसान का पता लगाया जा सके।
फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने निर्माण कार्य के दौरान जमीन के नीचे मौजूद गैस पाइपलाइनों की सुरक्षा और सावधानी बरतने की जरूरत पर भी सवाल खड़े किए हैं।
