PM Modi Red Fort Turban: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से देश को 13वीं बार लगातार संबोधित किया। इस मौके पर उनका पहनावा एक बार फिर चर्चा में रहा। पीएम मोदी ने सफेद कुर्ते के साथ चॉकलेट ब्राउन रंग की जैकेट पहनी और सिर पर लाल रंग की पारंपरिक पगड़ी सजाई। पगड़ी पर बांधनी यानी टाई-डाई पैटर्न नजर आया और इसका लंबा सिरा पीछे की ओर लटक रहा था। इसके साथ उन्होंने केसरिया, सफेद और हरे रंग के पॉकेट स्क्वायर भी लगाए, जिससे उनके लुक में तिरंगे के रंगों की झलक दिखाई दी।
13 साल का सफर
प्रधानमंत्री बनने के बाद 2014 से ही स्वतंत्रता दिवस पर उनकी पगड़ी एक खास पहचान बन गई है। हर साल वह अलग रंग, डिजाइन और क्षेत्रीय शैली वाली पगड़ी पहनते हैं। यही वजह है कि भाषण और कार्यक्रम के साथ-साथ लोगों की नजर उनके इस पारंपरिक पहनावे पर भी रहती है। 2014 में उन्होंने लाल रंग की जोधपुरी बांधेज पगड़ी पहनी थी। इसके बाद 2015 में पीले रंग और बहुरंगी क्रॉस डिजाइन वाली पगड़ी दिखाई दी।
रंगों में बदलाव
2016 में पीएम मोदी ने गुलाबी और पीले रंग की बांधेज शैली की पगड़ी पहनी। 2017 में लाल और पीले रंग के साथ सुनहरे डिजाइन वाली पगड़ी चुनी गई। 2018 में केसरिया रंग की पगड़ी के साथ लंबा पीछे लटकता सिरा नजर आया। 2019 में राजस्थान की पारंपरिक टेक्सटाइल विरासत से जुड़ी बहुरंगी लहरिया शैली दिखाई दी। 2020 में कोरोना काल के दौरान उनकी पगड़ी के साथ पहना गया कपड़ा चेहरे को ढकने के लिए भी इस्तेमाल किया गया था।
तिरंगे की झलक
2021 में पीएम मोदी ने केसरिया रंग की पगड़ी पहनी, जिसमें लाल पैटर्न और लंबा गुलाबी सिरा था। 2022 में उनकी पगड़ी का रंग संयोजन खास रहा। सफेद पगड़ी पर केसरिया और हरे रंग की धारियों के जरिए तिरंगे के रंगों को उभारा गया। यह वह समय था जब देश आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मना रहा था और हर घर तिरंगा अभियान भी प्रमुखता में था।
राजस्थान से जुड़ाव
2023 में पीएम मोदी ने पीले, हरे और लाल रंगों वाली बांधनी पगड़ी पहनी। 2024 में उन्होंने नारंगी, पीले और हरे रंगों वाली राजस्थानी लहरिया पगड़ी चुनी, जिसका लंबा और घुमावदार सिरा आकर्षण का केंद्र रहा। 2025 में उनका अंदाज अपेक्षाकृत सादा था। उन्होंने पूरी तरह केसरिया साफा पहना और उसके साथ तिरंगे रंगों वाला स्टोल रखा। इस साल लाल बांधनी पगड़ी के जरिए उन्होंने एक बार फिर राजस्थान और पश्चिमी भारत की पारंपरिक वस्त्र कला को अपने स्वतंत्रता दिवस के पहनावे में जगह दी।
परंपरा और पहचान
पीएम मोदी की स्वतंत्रता दिवस की पगड़ियां अब सिर्फ पहनावे का हिस्सा नहीं रह गई हैं। इनमें देश के अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक कला, रंग और कपड़ा संस्कृति की झलक दिखाई देती है। बांधनी एक पारंपरिक टाई-डाई तकनीक है, जिसमें कपड़े के छोटे हिस्सों को बांधकर रंग दिया जाता है और खोलने के बाद खास बिंदुदार डिजाइन बनता है। 2026 की लाल पगड़ी इसी लंबी परंपरा की नई कड़ी है। 13 साल में बदलते रंग और डिजाइन ने उनके स्वतंत्रता दिवस लुक को एक अलग पहचान दी है।
