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रुड़की की फैक्ट्री में बिजली चोरी का भंडाफोड़, पहले भी लग चुका है जुर्माना

Roorkee Electricity Theft case: उत्तराखंड के रुड़की में एक बर्फ फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला सामने आया है। ऊर्जा निगम की विजिलेंस टीम ने छापेमारी कर इस गड़बड़ी का खुलासा किया, जिसके बाद फैक्ट्री पर 2.30 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है।

मीटर की सील तोड़कर हो रही थी चोरी

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जानकारी के अनुसार, रामपुर स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी में “मैसेज जुलेखा इंटरप्राइजेज” नाम से संचालित बर्फ फैक्ट्री में 29 अप्रैल को संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। छापे के दौरान अधिकारियों ने पाया कि मीटर काम नहीं कर रहा था, लेकिन अंदर फैक्ट्री में उत्पादन जारी था।जांच में सामने आया कि मीटर की सील तोड़कर अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने तुरंत मीटर को सील कर दिया और आगे की जांच शुरू की।

शुरुआती अनुमान से कहीं ज्यादा निकली चोरी

पहले इस मामले में करीब 80 लाख रुपये की बिजली चोरी का अनुमान लगाया गया था। हालांकि, विस्तृत गणना के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 2.30 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने बताया कि संबंधित फैक्ट्री को नोटिस जारी कर दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पहले भी पकड़ी जा चुकी है चोरी

यह पहला मामला नहीं है जब इस फैक्ट्री पर बिजली चोरी का आरोप लगा हो। इससे पहले वर्ष 2023 में भी यहां चोरी पकड़ी गई थी, जिसके लिए करीब 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बावजूद फैक्ट्री में अवैध गतिविधियां जारी रहीं।

स्थानीय स्टाफ की भूमिका पर सवाल

इस घटना के बाद ऊर्जा निगम के भीतर भी हलचल मच गई है। शिकायतकर्ताओं ने पहले ही अधिकारियों को संकेत दिया था कि यदि स्थानीय लाइनमैन या स्टाफ को साथ लिया गया, तो चोरी पकड़ना मुश्किल होगा।इसी वजह से दूसरे डिवीजन की टीम को साथ लेकर छापेमारी की गई, जिससे यह मामला उजागर हो सका। अब स्थानीय लाइनमैन और अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

ऊर्जा निगम अब इस मामले में सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। न सिर्फ जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।यह घटना बिजली चोरी के खिलाफ सख्ती और निगरानी की जरूरत को एक बार फिर उजागर करती है।

 

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