Digital Scam:सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक नए और बेहद शातिर स्कैम को लेकर चेतावनी जारी की है। सीटीवी न्यूज (CTV News) की रिपोर्ट के अनुसार, जालसाज अब लोगों को टेक्स्ट मैसेज भेजकर शिकार बना रहे हैं। इस घोटाले में दावा किया जा रहा है कि लोग ‘मिल्क सैटलमेंट’ (Milk Settlement) के तहत मुआवजे या पैसे पाने के पात्र हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से फर्जी है और लोगों को ठगने की एक नई चाल है।
क्या होता है ‘मिल्क स्कैम’?
इस स्कैम में लोगों के मोबाइल पर एक मैसेज आता है, जिसमें कहा जाता है कि दूध उत्पादन या कीमतों से जुड़े किसी पुराने सामूहिक मुकदमे (Class-action Lawsuit) का निपटारा हो गया है और उन्हें इसके बदले पैसे मिलने वाले हैं। मैसेज में एक लिंक दिया होता है, जिस पर क्लिक करने को कहा जाता है।
जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उससे उसकी बैंकिंग डिटेल, सोशल इंश्योरेंस नंबर (SIN) और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां मांगी जाती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वास्तव में ऐसा कोई मुकदमा दर्ज ही नहीं हुआ है। यह लिंक केवल डेटा चोरी करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
सावधानी से बचा जा सकता है बड़ा नुकसान
ओंटारियो के निवासी डॉन स्टोनमैन ने इस स्कैम का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें भी ऐसा मैसेज मिला था। जब उन्होंने दिए गए नंबर पर कॉल किया, तो उन्हें नोवा स्कोटिया का एक सामान्य वॉइसमेल मिला, जिससे उन्हें शक हो गया।
कैनेडियन एंटी-फ्रॉड सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार:
* साल 2022 से अब तक कनाडा के लोगों को विभिन्न धोखाधड़ी की वजह से $2.4 बिलियन से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
* सरकार ने आगाह किया है कि जालसाज अक्सर ‘वैध समझौतों’ या सरकारी योजनाओं का नाम लेकर लोगों का भरोसा जीतते हैं।
स्कैम से बचने के लिए क्या करें?
1. अपरिचित लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी टेक्स्ट मैसेज में आए संदिग्ध लिंक को न खोलें।
2. आधिकारिक पुष्टि करें: यदि किसी मुआवजे का दावा किया गया है, तो संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जांच करें।
3. निजी जानकारी साझा न करें: बैंक या सरकार कभी भी टेक्स्ट मैसेज के जरिए आपका पिन या पासवर्ड नहीं मांगते।
