Crime Alert: नोएडा की सड़कों पर कभी ई-रिक्शा चलाने वाला और फिर पिता के साथ बेलदारी (मजदूरी) करने वाला लोकेश शर्मा आज सलाखों के पीछे है। उसकी गिरफ्तारी ने न केवल उसके परिवार को सदमे में डाल दिया है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है। जांच में सामने आया है कि ‘शर्म’ और ‘जल्द पैसा कमाने की चाह’ ने एक युवा को देश के खिलाफ खड़ा कर दिया।
शर्म और लालच ने बदला रास्ता
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, लोकेश पहले नाबालिग होने के कारण ई-रिक्शा सीज होने के बाद अपने पिता और भाई के साथ मेहनत-मजदूरी करता था। लेकिन कुछ समय से उसके व्यवहार में बदलाव आया। वह अक्सर काम पर जाने से कतराता था और कहता था कि उसे बेलदारी करने में शर्म आती है क्योंकि दोस्त उसका मजाक उड़ाते हैं। इसी हीन भावना और रातों-रात अमीर बनने के सपने ने उसे सोशल मीडिया के जरिए मास्टरमाइंड साकिब के संपर्क में ला दिया।
रेलवे और बुनियादी ढांचे को दहलाने की थी साजिश
एटीएस की पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। लोकेश और उसका गिरोह पाकिस्तानी आकाओं के सीधे संपर्क में था। उनकी साजिशों के मुख्य बिंदु इस प्रकार थे:
* रेलवे नेटवर्क पर हमला: रेलवे सिग्नल बॉक्स को नुकसान पहुंचाना और महत्वपूर्ण ट्रेनों की आवाजाही बाधित करना।
* आगजनी की साजिश: गैस सिलेंडरों से भरे ट्रकों में आग लगाना और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी करना।
* डिजिटल सबूत: आरोपियों ने पहले भी कुछ छोटी आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था और उनके वीडियो बनाकर विदेशी आकाओं को भेजे थे, ताकि मोटी रकम वसूली जा सके।
लखनऊ से 4 गिरफ्तार
यूपी एटीएस ने एक सटीक ऑपरेशन के जरिए लोकेश शर्मा समेत चार आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मास्टरमाइंड साकिब सोशल मीडिया के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को निशाना बनाता था और उन्हें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए फंड मुहैया कराता था। फिलहाल इन सभी से पूछताछ जारी है ताकि इस नेटवर्क की और भी गहरी जड़ों का पता लगाया जा सके।
