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Faridabad Murder Case: झगड़े में दी मारने की धमकी को सच में दिया अंजाम, जानिए क्या है पूरा मामला

Faridabad Murder Case: हरियाणा के फरीदाबाद में पड़ोसियों के बीच शुरू हुआ विवाद एक कारोबारी की हत्या तक पहुंच गया। सेक्टर-21सी में रहने वाले मोनू शर्मा पर आरोप है कि उसने अपने पड़ोसी परमजीत की गोली मारकर हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि दोनों के बीच विवाद पहले ही पुलिस चौकी तक पहुंच चुका था। आरोप है कि वहां मोनू ने पुलिस के सामने ही परमजीत को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बावजूद रात में उसने वारदात को अंजाम दे दिया।

गेट टूटने को लेकर शुरू हुआ था विवाद

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परमजीत सिंगापुर की एक कंपनी में सीओओ थे और काम के सिलसिले में अक्सर विदेश में रहते थे। करीब एक सप्ताह पहले मोनू ने कथित तौर पर उनकी पार्किंग का गेट तोड़ दिया था। उस समय परमजीत सिंगापुर में थे। बृहस्पतिवार को उनके लौटने के बाद शनिवार सुबह उनके बेटे शौर्य ने मोनू से गेट ठीक कराने के लिए कहा।

आरोप है कि इस बात पर मोनू ने शौर्य के साथ गाली-गलौज की और उसके पिता को सामने आकर बात करने के लिए कहा। शौर्य ने फोन पर परमजीत को पूरी बात बताई। इसके बाद परमजीत अनखीर पुलिस चौकी पहुंचे और मोनू के खिलाफ शिकायत दी।

पुलिस चौकी में दी थी हत्या की धमकी

शिकायत के बाद पुलिस ने मोनू को भी चौकी बुलाया। वहां दोनों के बीच समझौता हो गया, लेकिन इसी दौरान मोनू ने कथित तौर पर परमजीत को धमकी दी कि वह उन्हें रात तक जिंदा नहीं छोड़ेगा।

रात करीब नौ बजे मोनू ने परमजीत को बातचीत के लिए पार्किंग में बुलाया। आरोप है कि वहां उसने पहले परमजीत से कहा कि क्या कभी विधवा देखी है, फिर उन पर गोलियां चला दीं। फायरिंग में परमजीत की मौत हो गई। गोलियां आसपास खड़ी कारों और दीवारों पर भी लगीं।

देर रात तक शोर और हवाई फायरिंग की शिकायतें

स्थानीय लोगों के मुताबिक, मोनू का व्यवहार पहले से ही आसपास के निवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। आरोप है कि वह अपने दोस्तों के साथ देर रात तक तेज आवाज में संगीत बजाता और हवाई फायरिंग करता था। तेज रफ्तार से लग्जरी कारें चलाने की शिकायतें भी थीं।

परमजीत के दोस्तों का दावा है कि पुलिस ने मोनू के बैग से करीब 100 कारतूस बरामद किए हैं। बताया गया है कि वारदात के समय उसके पास तीन पिस्टल थीं। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

माता-पिता के लिए ठुकराया था विदेश में ट्रांसफर

परमजीत के दोस्तों ने बताया कि उनके पिता नौसेना में कैप्टन के पद से रिटायर हुए हैं। वह अपने माता-पिता के साथ रहते थे और उनकी देखभाल के लिए समय निकालते थे। कंपनी ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया ट्रांसफर का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन माता-पिता के पास रहने के कारण उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया था।

इस घटना ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। अगर चौकी में मिली धमकी को गंभीरता से लिया जाता और समय रहते जरूरी कदम उठाए जाते, तो शायद परमजीत की जान बच सकती थी। अब मामले की जांच में पुलिस की पहले की कार्रवाई भी अहम हो सकती है।

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