Delhi Court: दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के डायरेक्टर और सह-संस्थापक विनेश चंदेल को जमानत दे दी। चंदेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था, जो पश्चिम बंगाल के कोयला घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है।यह फैसला पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने सुनाया। अदालत ने मामले की मौजूदा स्थिति और सुनवाई के दौरान रखे गए तर्कों को ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर की है।
ED ने नहीं किया जमानत का विरोध
इस मामले में सबसे अहम बात यह रही कि प्रवर्तन निदेशालय ने खुद जमानत का विरोध नहीं किया। अदालत ने भी अपने आदेश में इस बात का उल्लेख किया।ED की ओर से विरोध न होने के कारण अदालत को यह मानने में आसानी हुई कि फिलहाल चंदेल को हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है।
केस की पृष्ठभूमि
विनेश चंदेल को 13 अप्रैल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि कोयला घोटाले से जुड़े धन के लेन-देन में कुछ वित्तीय अनियमितताएं और अवैध तरीके से पैसे के ट्रांसफर किए गए।गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले ED की हिरासत में रखा गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। जांच एजेंसी इस मामले में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और फंड के स्रोतों की गहन जांच कर रही है।
पहले की सुनवाई में क्या हुआ था
इससे पहले चंदेल की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। अदालत ने उस समय कहा था कि पेश किए गए कारण “असाधारण मानवीय आधार” पर राहत देने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।लेकिन बाद में परिस्थितियों और ED के रुख को देखते हुए अदालत ने नियमित जमानत देने का निर्णय लिया।
आगे क्या होगा
जमानत मिलने के बावजूद मामला खत्म नहीं हुआ है। जांच अभी जारी रहेगी और विनेश चंदेल को जांच में सहयोग करना होगा। साथ ही अदालत द्वारा तय की गई शर्तों का पालन भी करना होगा।इस फैसले का मतलब यह है कि विनेश चंदेल अब जेल से बाहर रहेंगे, लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी और केस चलता रहेगा।
