Delhi News: दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में Shrutika Barnwal समेत करीब 21 लोगों की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब होटल में कई मेहमान अपने काम या यात्रा के सिलसिले में ठहरे हुए थे। अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल दिया।
सपनों से भरी थी श्रुतिका की जिंदगी
Shrutika Barnwal झारखंड के बोकारो की रहने वाली थीं और हाल ही में उन्होंने Tata Institute of Social Sciences से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। वह अपने करियर की शुरुआत को लेकर बेहद उत्साहित थीं। उन्हें पहली नौकरी भी मिली थी और हाल ही में उनकी पहली सैलरी आई थी, जिसे लेकर वह अपने परिवार के साथ खुशी साझा कर रही थीं। वह दिल्ली एक जरूरी काम से आई थीं और एक बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में ठहरी हुई थीं।
चौंकाने वाले आखिरी पल
रिपोर्ट के अनुसार, Shrutika Barnwal बस 30 मिनट बाद होटल से चेक-आउट करने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही आग लग गई। इस हादसे में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। बताया गया कि वह उस समय अपने एक दोस्त से फोन पर बात कर रही थीं, जब अचानक स्थिति बिगड़ गई और कॉल कट गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Ramesh Prasad Barnwal और Babita Devi के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं थी। पिता तुरंत दिल्ली के लिए निकलने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें बेटी की मौत की सूचना मिल गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने बताया कि हादसे की सुबह उन्होंने अपनी बेटी से फोन पर बात की थी, जिसमें वह अपने काम से खुश लग रही थी।
आखिरी कॉल और टूटते सपने
परिजनों के अनुसार, बातचीत के दौरान अचानक होटल में अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद फोन कट गया और संपर्क टूट गया। दोस्त और परिवार ने कई बार कॉल करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुछ ही घंटों में यह साफ हो गया कि एक युवा और होनहार जिंदगी अब इस दुनिया में नहीं रही।
संस्थान और दोस्तों की यादें
Tata Institute of Social Sciences में भी इस घटना को लेकर शोक की लहर है। शिक्षकों और छात्रों ने श्रुतिका को एक मेहनती, होनहार और सपनों से भरी छात्रा के रूप में याद किया। उनके दोस्त Rishi Chaturvedi ने बताया कि वह हमेशा अपने पिता को गर्व महसूस कराना चाहती थीं।यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए, बल्कि हर किसी के लिए एक गहरा दुख और चेतावनी बन गया है।
