Entertainment News: साउथ सिनेमा के दमदार कलाकारों की बात हो तो फहाद फासिल का नाम जरूर आता है। अपनी शानदार एक्टिंग और अलग तरह के किरदारों के लिए मशहूर फहाद आज सिर्फ मलयालम सिनेमा ही नहीं, बल्कि पूरे देश में लोकप्रिय हैं। लेकिन उनकी यह सफलता आसानी से नहीं मिली।
फहाद ने साल 2002 में फिल्म ‘Kaiyethum Doorath’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। इस फिल्म को उनके पिता और मशहूर फिल्ममेकर फाजिल ने डायरेक्ट किया था। फिल्म से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन रिलीज के बाद यह बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई।
असफलता से टूट गए थे फहाद
पहली फिल्म की नाकामी का फहाद पर गहरा असर पड़ा। उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और उन्होंने खुद भी माना कि उस समय वह फिल्मों में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे।
इतनी कम उम्र में मिली असफलता ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने एक्टिंग से ब्रेक लिया और भारत छोड़कर अमेरिका चले गए।
अमेरिका में खुद को समझने का मिला मौका
अमेरिका में बिताया समय फहाद के लिए किसी बदलाव से कम नहीं था। उन्होंने वहां रहकर जिंदगी को नए नजरिए से देखा और खुद पर काम किया। फिल्मों से दूर रहने के बावजूद एक्टिंग का जुनून उनके अंदर बना रहा।
कुछ साल बाद फहाद भारत लौटे और 2009 की ‘Kerala Cafe’ से फिल्मों में दोबारा नजर आए। उनका रोल भले ही छोटा था, लेकिन उनकी प्रतिभा को लोगों ने नोटिस करना शुरू कर दिया।
‘Chaappa Kurishu’ ने बदली पूरी कहानी
साल 2011 में आई ‘Chaappa Kurishu’ फहाद के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी। फिल्म में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई और उन्हें सम्मान भी मिला। इसके बाद उन्होंने लगातार चुनौतीपूर्ण किरदार चुने और अपनी अलग पहचान बनाई।
‘Pushpa’ से मिली पैन इंडिया पहचान
फहाद मलयालम सिनेमा में अपनी जगह बना चुके थे, लेकिन ‘Pushpa: The Rise’ ने उन्हें देशभर में नई पहचान दी। फिल्म में उन्होंने आईपीएस अधिकारी भंवर सिंह शेखावत का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया।इसके बाद ‘Pushpa 2: The Rule’ में भी उनका किरदार चर्चा में रहा। ‘Aavesham’ जैसी फिल्मों ने भी उनकी अलग एक्टिंग स्टाइल को दर्शकों के सामने रखा।
आज फहाद फासिल उन कलाकारों में गिने जाते हैं जो सिर्फ स्टारडम नहीं, बल्कि अपने किरदारों के दम पर दर्शकों का दिल जीतते हैं। उनकी कहानी बताती है कि पहली असफलता अंत नहीं होती, अगर इंसान दोबारा कोशिश करने का हौसला रखता हो।
