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15 अगस्त पर नहीं जाना बाहर? Netflix की इन फिल्मों के साथ मनाएं Independence Day

Entertainment News: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस हर भारतीय के लिए गर्व और उत्साह का दिन है। इस दिन तिरंगा फहराने से लेकर देशभक्ति के गीत सुनने तक, हर तरफ आजादी का रंग नजर आता है। अगर आप इस बार घर पर परिवार के साथ आराम करते हुए देशभक्ति के जज्बे से जुड़ना चाहते हैं, तो फिल्में एक बेहतरीन विकल्प हो सकती हैं।

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नेटफ्लिक्स पर कई ऐसी फिल्में उपलब्ध हैं, जिनमें सैनिकों के साहस से लेकर समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा तक देखने को मिलती है। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में।

राजी: देश के लिए जासूस बनी सेहमत

आलिया भट्ट और विक्की कौशल की ‘राजी’ एक भावुक जासूसी कहानी है। फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें सेहमत खान देश की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान जाती है और एक पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी से शादी कर वहां भारत के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जुटाती है।

फिल्म में देश के लिए व्यक्तिगत भावनाओं और रिश्तों की कुर्बानी को बेहद प्रभावशाली अंदाज में दिखाया गया है।

मद्रास कैफे: खुफिया मिशन और साजिश

अगर आपको गंभीर और रोमांचक पॉलिटिकल थ्रिलर पसंद हैं, तो ‘मद्रास कैफे’ अच्छा विकल्प है। जॉन अब्राहम इसमें भारतीय खुफिया अधिकारी विक्रम सिंह की भूमिका निभाते हैं।

गुप्त मिशन के दौरान विक्रम राजनीतिक साजिशों, हिंसा और विद्रोह के बीच फंस जाता है। फिल्म जासूसी की दुनिया के जोखिम और उसकी जटिलताओं को काफी गंभीर अंदाज में दिखाती है।

स्वदेस: देशभक्ति का अलग मतलब

शाहरुख खान की ‘स्वदेस’ देशप्रेम को एक अलग नजरिए से दिखाती है। मोहन भार्गव अमेरिका में नासा के साथ काम करने वाला वैज्ञानिक है, जो भारत लौटकर गांव की समस्याओं को करीब से देखता है।

बिजली, शिक्षा और विकास से जुड़ी परेशानियों को देखकर उसे समझ आता है कि देश के लिए योगदान केवल सीमा पर जाकर ही नहीं किया जाता। अपने समाज को बेहतर बनाने की कोशिश भी सच्ची देशभक्ति है।

आर्टिकल 15: सामाजिक बदलाव की कहानी

आयुष्मान खुराना की ‘आर्टिकल 15’ सामाजिक न्याय और समानता का मुद्दा उठाती है। फिल्म में आईपीएस अधिकारी अयान रंजन ग्रामीण इलाके में तीन लड़कियों के गायब होने की जांच करता है।

जांच के दौरान उसके सामने जातिगत भेदभाव, भ्रष्टाचार और असमानता की कई परतें सामने आती हैं। फिल्म दर्शकों को समाज की वास्तविक चुनौतियों पर सोचने के लिए मजबूर करती है।

मेजर: शौर्य और बलिदान की कहानी

‘मेजर’ 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में शहीद हुए मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के जीवन पर आधारित है। अदिवी शेष ने फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई और कहानी में भी योगदान दिया।

फिल्म उनके बचपन, सेना में सफर और 26/11 हमलों के दौरान उनके आखिरी मिशन को दिखाती है। उनका साहस और देश के लिए बलिदान इस स्वतंत्रता दिवस पर फिल्म को खास बनाता है।

इस 15 अगस्त बनाएं अपना मूवी मैराथन

अगर इस स्वतंत्रता दिवस आप घर से बाहर नहीं जा रहे हैं, तो परिवार के साथ इन फिल्मों का मूवी मैराथन कर सकते हैं। ‘राजी’, ‘मद्रास कैफे’, ‘स्वदेस’, ‘आर्टिकल 15’ और ‘मेजर’ अलग-अलग अंदाज में देशप्रेम, जिम्मेदारी, साहस और बलिदान की कहानी सुनाती हैं।

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