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DTH Cable TV Report : करोड़ों की तादाद में DTH बंद होने का दावा निकला फर्जी! PIB ने बताई वायरल पोस्ट की पूरी सच्चाई

DTH Cable TV Report : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के नए नियमों की वजह से देश में 11 करोड़ टीवी बंद हो जाएंगे और केबल व डीटीएच सेवाएं 4 से 6 गुना महंगी हो जाएंगी। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि नए नियम लागू होने के बाद लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित होगा और टीवी इंडस्ट्री गंभीर संकट में आ जाएगी।

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हालांकि, सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया है।

वायरल पोस्ट में क्या कहा गया?

वायरल पोस्ट के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने ऐसे नियमों का मसौदा जारी किया है, जिनके लागू होने के बाद टीवी ब्रॉडकास्टिंग और टेलीकॉम कंपनियों पर समान नियम लागू होंगे। दावा किया गया कि इससे लाइसेंस फीस बढ़ेगी और केबल ऑपरेटर व डीटीएच कंपनियां अपने शुल्क 4 से 6 गुना तक बढ़ा देंगी। पोस्ट में यह भी कहा गया कि इससे करोड़ों टीवी बंद हो जाएंगे।

PIB ने बताया दावा पूरी तरह गलत

PIB ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है, जिससे टीवी सेवाएं बंद हों या डीटीएच और केबल टीवी का खर्च कई गुना बढ़ जाए। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर विश्वास करें।

क्या है MIB के ड्राफ्ट नियमों का उद्देश्य?

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीकम्युनिकेशंस (टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियम, 2026 का मसौदा सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया है। इस ड्राफ्ट पर 27 जुलाई 2026 तक आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, इन प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य टीवी और रेडियो प्रसारण से जुड़े अलग-अलग दिशा-निर्देशों को एक समान और सरल बनाना है। ड्राफ्ट में लाइसेंस फीस बढ़ाने या टीवी सेवाओं को महंगा करने का कोई प्रावधान नहीं है।

फर्जी खबरों से रहें सतर्क

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वायरल दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए। सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी तेजी से फैलती है, इसलिए तथ्य जांचना बेहद जरूरी है।

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