Entertainment News: टीवी इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता राम कपूर ने हाल ही में अपनी जिंदगी का ऐसा राज साझा किया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। ‘लॉक अप सीजन 2’ में बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बावजूद वह अंदर से पूरी तरह टूट चुके थे। उन्होंने माना कि डिप्रेशन ने उन्हें इतना बदल दिया था कि उन्हें आज भी अपने उस दौर पर शर्म महसूस होती है।
‘बड़े अच्छे लगते हैं’ की सफलता के पीछे छिपा था दर्द
राम कपूर ने बताया कि जब ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ सुपरहिट हुआ, तब पूरी दुनिया उन्हें प्यार दे रही थी। लेकिन उसी समय वह गंभीर डिप्रेशन से गुजर रहे थे। लगातार बढ़ता वजन, काम का दबाव और मानसिक तनाव उनकी जिंदगी पर भारी पड़ रहा था।उन्होंने कहा कि लोग उन्हें एक सफल स्टार के रूप में देख रहे थे, लेकिन अंदर ही अंदर वह टूटते जा रहे थे।
डॉक्टर ने दी थी 6 महीने की चेतावनी
राम कपूर ने खुलासा किया कि उनका स्वास्थ्य इतना बिगड़ चुका था कि डॉक्टरों ने उन्हें साफ शब्दों में चेतावनी दी थी। उनका ब्लड शुगर कई बार 500 से 600 तक पहुंच जाता था और उन्हें दिन में कई बार इंसुलिन लेना पड़ता था।
उन्होंने बताया कि लगातार 14 घंटे काम करने और अपनी सेहत को नजरअंदाज करने की वजह से डायबिटिक स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ गया था। डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि अगर उन्होंने खुद का ध्यान नहीं रखा तो उनकी जान भी जा सकती है।
सेट पर शराब पीते थे, लोगों से करते थे गलत व्यवहार
राम कपूर ने बेहद ईमानदारी से स्वीकार किया कि उस दौर में उनका व्यवहार भी पूरी तरह बदल गया था। उन्होंने कहा कि वह कई बार शूटिंग पर घंटों देर से पहुंचते थे, सेट पर शराब पीते थे और लोगों से ठीक तरीके से बात नहीं करते थे।
उन्होंने खुद को उस समय का “राक्षस” बताते हुए कहा कि उन्हें अपने किए पर आज भी पछतावा है। उनके मुताबिक, उनका रवैया इतना खराब हो गया था कि शो पर भी इसका असर पड़ा।
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
राम कपूर ने बताया कि अगर उनके बच्चे नहीं होते, तो शायद वह जिंदगी से हार मान लेते। उन्होंने कहा कि परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने की ताकत दी।
आज राम कपूर पहले से कहीं ज्यादा स्वस्थ और खुश हैं। उन्होंने करीब 54 किलो वजन घटाकर अपनी फिटनेस पर भी शानदार काम किया है। अभिनेता ने अपनी पत्नी गौतमी कपूर और बच्चों से भी इस सच को सार्वजनिक रूप से साझा करते हुए माफी मांगी। उनका यह खुलासा मानसिक स्वास्थ्य, परिवार के सहयोग और समय पर मदद लेने की अहमियत को भी उजागर करता है।
