OTT series Matka King: हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज Matka King इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही है। इसमें Vijay Varma ने एक दमदार किरदार निभाया है, जो असल जिंदगी के ‘मटका किंग’ से प्रेरित माना जा रहा है। सीरीज ने लोगों को सट्टेबाजी की उस दुनिया की झलक दिखाई है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।इसी के साथ दर्शकों के मन में एक सवाल भी उठ रहा है,आखिर असली ‘मटका किंग’ कौन था?
कराची से शुरू हुआ सफर
इस कहानी के असली किरदार हैं Ratan Khatri। उनका जन्म 1932 में Karachi में हुआ था। 1947 के Partition of India के बाद उनका परिवार Mumbai आ गया।मुंबई में शुरुआती दिन आसान नहीं थे। जैसे बाकी शरणार्थियों ने संघर्ष किया, वैसे ही खत्री ने भी छोटे-मोटे काम किए। लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ अलग ही सोच रखा था।
सट्टे की दुनिया में बड़ा बदलाव
जब खत्री इस दुनिया में आए, तब सट्टा कॉटन के दामों पर आधारित होता था, और आम आदमी के लिए समझना मुश्किल था। लेकिन उन्होंने इसे आसान बना दिया।1962 में उन्होंने ‘रतन मटका’ शुरू किया,एक नंबर आधारित सिस्टम, जिसे कोई भी समझ सकता था। धीरे-धीरे यह इतना लोकप्रिय हुआ कि हर कोई इसमें हिस्सा लेना चाहता था।खत्री की सबसे बड़ी खासियत थी भरोसा। उनका सिस्टम साफ-सुथरा माना जाता था, और यही वजह थी कि लोग उन पर आंख बंद करके भरोसा करते थे।
मुश्किल दौर और गिरावट
1975 में लगे The Emergency in India ने उनकी जिंदगी बदल दी। सरकार की सख्ती के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा।हालांकि उन्होंने वापसी की कोशिश की, लेकिन हालात पहले जैसे नहीं रहे। धीरे-धीरे पुलिस का दबाव और अंडरवर्ल्ड की दखल बढ़ने लगी, जिससे उनका साम्राज्य कमजोर पड़ गया।
आखिरी पड़ाव और विरासत
आखिरकार 90 के दशक में उन्होंने इस कारोबार से दूरी बना ली। बाद में उन्होंने फिल्मों में भी हाथ आजमाया और ‘रंगीला रतन’ बनाई, जिसमें Rishi Kapoor और Parveen Babi नजर आए।9 मई 2020 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी कहानी आज भी जिंदा है।गरीबी से उठकर एक बड़ा नाम बनने तक का उनका सफर यह दिखाता है कि जिंदगी कभी सीधी रेखा में नहीं चलती कभी ऊपर, कभी नीचे, लेकिन हमेशा कहानी बनाती रहती है।
