Shweta Kwatra Menopause: टेलीविजन अभिनेत्री श्वेता क्वात्रा लंबे समय से ग्लैमर की दुनिया से दूर हैं और इन दिनों दुबई में रहकर बुद्ध धर्म की साधना कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर का खुलासा किया। श्वेता ने बताया कि 40 साल की उम्र में डॉक्टरों ने उन्हें मेनोपॉज होने की जानकारी दी थी, जिसे सुनकर वह पूरी तरह हैरान रह गई थीं।
40 की उम्र में मिला मेनोपॉज का पता
श्वेता ने अभिनेता शाइनी नारंग के साथ बातचीत में बताया कि वह 36 साल की उम्र में मां बनी थीं। 40 साल की उम्र में मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि वह मेनोपॉज के दौर में पहुंच चुकी हैं और अब उन्हें पीरियड्स नहीं आएंगे। श्वेता के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ क्योंकि कुछ महीने पहले ही उन्हें मासिक धर्म हुआ था।
हार नहीं मानी, शुरू किया इलाज
अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने इस स्थिति को स्वीकार करने के बजाय इससे लड़ने का फैसला किया। इस दौरान उन्होंने कई डॉक्टरों से सलाह ली और एक्यूपंक्चर का सहारा भी लिया। साथ ही वह नियमित रूप से बौद्ध मंत्र ‘नाम म्योहो रेंगे क्यो’ का जाप करती रहीं। उनका कहना है कि इस साधना से उन्हें मानसिक शांति मिली और मुश्किल समय में सकारात्मक बने रहने की ताकत भी मिली।
5 साल बाद वापस आए पीरियड्स
श्वेता के अनुसार, करीब पांच साल तक इलाज और नियमित प्रैक्टिस जारी रखने के बाद उनके पीरियड्स दोबारा शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी और खुद पर विश्वास बनाए रखा। अब 50 वर्ष की उम्र में वह इस अनुभव को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी सीख मानती हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य तौर पर मेनोपॉज 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच होता है, हालांकि कुछ महिलाओं में यह इससे पहले भी हो सकता है। यदि कम उम्र में पीरियड्स बंद हो जाएं या हार्मोन से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो, तो स्वयं इलाज करने के बजाय स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। किसी भी उपचार या दावे को डॉक्टर की निगरानी में ही अपनाना चाहिए।
