Capsicum Plantation: सर्दियों का मौसम घर में शिमला मिर्च उगाने के लिए आदर्श होता है। बालकनी या छत पर आसानी से पौधा लगाया जा सकता है। इससे न केवल ताज़ी और रंगीन सब्ज़ी मिलती है, बल्कि यह पोषण से भरपूर भी होती है। शिमला मिर्च में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। इसे घर पर उगाकर आप बिना केमिकल और कीटनाशक के ताज़ा सब्जी का आनंद ले सकते हैं।
सही मिट्टी और गमला चुनें
शिमला मिर्च के लिए 12-14 इंच का गमला या ग्रो बैग सबसे उपयुक्त होता है। मिट्टी तैयार करते समय 50% गार्डन सॉइल, 25% गोबर की खाद और 25% बालू या कोकोपीट मिलाएं। यह मिश्रण हल्का और ड्रेनेज योग्य होना चाहिए ताकि पानी जमा न हो और जड़ें स्वस्थ रहें।
बीज या पौधे का चयन
नर्सरी से तैयार पौधा लाना आसान होता है, लेकिन बीज से शुरू करना अधिक किफायती और रोमांचक विकल्प है। बीज को पहले ट्रे में अंकुरित करें और 3-4 सच्चे पत्ते आने के बाद गमले में ट्रांसप्लांट करें। पौधे के बीच कम से कम 12 इंच की दूरी रखें ताकि वे अच्छी तरह फैल सकें।
पानी और पोषण का ध्यान रखें
शिमला मिर्च को नियमित पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन ज्यादा पानी से जड़ सड़ सकती है। मिट्टी को हल्की नमी वाली रखें। हर 15-20 दिन में नीम या गोबर की खाद मिलाकर पौधे को पोषण दें। धूप में रखने से पौधे मजबूत होते हैं और फल जल्दी आते हैं।
कीट और रोग नियंत्रण
शिमला मिर्च पर पतंग, कॉक्रोच और फफूंदी के निशान लग सकते हैं। इसके लिए आप नीम का तेल, हल्का साबुन पानी का मिश्रण या ऑर्गेनिक कीटनाशक का उपयोग कर सकते हैं। नियमित तौर पर पौधे की पत्तियों और तनों की जाँच करना ज़रूरी है।
कटाई और देखभाल
पौधों की सतह पर पत्तियों और फूलों की निगरानी रखें। यदि कीट दिखाई दें तो घरेलू उपाय जैसे नीम का तेल इस्तेमाल करें। फल आने के बाद लाल और हरी शिमला मिर्च को समय-समय पर तोड़ते रहें। यह पौधों को नए फूल और फल देने में मदद करता है।
