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अब बाजार से तेजपत्ता लाने की जरूरत नहीं, घर पर उगाएं पौधा और पाएं साल भर सुगंधित पत्तियां

घर पर तेजपत्ता उगाने का आसान तरीका जानें। सही मिट्टी, गमला, धूप, पानी और देखभाल से 7 फीट तक ऊँचा पौधा उगाएं और 10 किलो तक तेजपत्ता उत्पादन पाएं।

Bayleaf: तेजपत्ता भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण मसाला है जो खाने को सुगंध और स्वाद दोनों प्रदान करता है। अब आप इसे घर पर भी आसानी से उगा सकते हैं — चाहे वह गमला हो, बालकनी गार्डन हो या छत पर बगीचा। सही देखभाल और कुछ सरल कदमों से 7 फीट तक ऊँचा तेजपत्ता का पौधा उग सकता है और अच्छी पैदावार भी दे सकता है।

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तेजपत्ता को ट्रडीशनली खेती में उगाना चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन सही तकनीक अपनाने पर यह घरेलू स्तर पर भी बहुत सफल हो सकता है। कई विशेषज्ञ बताते हैं कि इसके लिए नर्सरी से स्वस्थ पौधा लेना या अच्छी कटिंग से शुरुआत करना बेहतर रहता है क्योंकि बीज से निकलने में समय लगता है और अंकुरण कठिन हो सकता है।

सही मिट्टी और गमले का चुनाव

घर पर तेजपत्ता उगाने के लिए सबसे पहले आपको एक बड़ा गमला या कंटेनर चुनना चाहिए। कम से कम 12–15 इंच गहरा और पर्याप्त चौड़ा गमला लें ताकि इसकी जड़ें आसानी से फैल सकें। नीचे ड्रेनेज होल ज़रूरी हैं ताकि पानी जमा न हो और जड़ें सड़ें नहीं। 

मिट्टी मिश्रण:

  • बगीचे की मिट्टी
  • गोबर की खाद / वर्मी कंपोस्ट
  • रेत या कोकोपीट

इन तीनों को बराबर मात्रा में मिलाकर एक हल्का और जल निकासी वाला मिश्रण तैयार करें। यह संयोजन तेजपत्ता के लिए उपजाऊ और स्वस्थ मिट्टी प्रदान करता है। 

धूप और पानी की आवश्यकता

तेजपत्ता को प्रति दिन कम से कम 4–6 घंटे सीधी धूप मिलनी चाहिए। इससे पौधा स्वस्थ रूप से वृद्धि करता है और पत्तियों में खुशबू भी अच्छी बनती है। अगर प्राकृतिक धूप कम है, तो पौधे को खरबूजे वाली जगह पर रखें जहाँ रोशनी पर्याप्त हो। 

पानी देने की सलाह:

  • मिट्टी की ऊपरी 1 इंच हिस्सा सूखने पर ही पानी दें।
  • ओवरवॉटरिंग से बचें क्योंकि तेजपत्ता के पौधे में जड़ सड़ने की समस्या हो सकती है।
  • गर्मी में हर 7–10 दिन पानी चेक करते रहें और सर्दियों में पानी कम दें।

खाद, उर्वरक और देखभाल

पौधे को स्वस्थ और अधिक उत्पादन देने के लिए समय-समय पर खाद देना ज़रूरी है। संतुलित ओर्गेनिक खाद या गोबर खाद का उपयोग तेजपत्ता के विकास को बढ़ावा देता है।

  • स्प्रिंग/वसंत में 4–6 सप्ताह के अंतराल पर संतुलित उर्वरक दें।
  • मु्ल्चिंग का उपयोग मिट्टी की नमी बनाए रखने में मदद करता है।
  • अत्यधिक नाइट्रोजन से बचें क्योंकि इससे पत्तियों की स्वाद शक्ति कमजोर हो सकती है।

प्रूनिंग और आकार नियंत्रण

जब तेजपत्ता का पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो नियमित रूप से छँटाई करना आवश्यक है। इससे पौधा एक घना और मजबूत रूप पाता है, जो लंबी अवधि में अधिक पत्तियाँ देगा।

  • 6–8 महीने के बाद हल्की छँटाई करें।
  • छँटाई से पौधे का आकार नियंत्रित रहता है और यह ऊँचाई की बजाय फैलाव की ओर विकसित होता है।

कटाई और भंडारण

तेजपत्ता की पत्तियों को तब तोड़ा जा सकता है जब वे अच्छी तरह विकसित और गहरे हरे रंग की हों। आम तौर पर यह पहले वर्ष की तुलना में दूसरे और तीसरे वर्ष में बेहतर उत्पादन देती हैं।

  • पत्तियाँ तोड़ते समय कुछ पत्तियों को पौधे पर ही रहने दें ताकि वृद्धि जारी रहे।
  • ताज़ी पत्तियों को छाया में सुखाकर आप उन्हें ड्राई स्पाइस की तरह लंबे समय तक उपयोग कर सकते हैं।

संभावित उत्पादन और लाभ

यदि पौधे को सही समय पर रोपित और अच्छी देखभाल के साथ उगाया जाए, तो यह 7 फीट तक ऊँचा हो सकता है और संयुक्त रूप से लगभग 10 किग्रा तक पत्तियाँ उत्पादन कर सकता है — खासकर तब जब पौधे को सही मौसम, खाद और निराई-गुड़ाई मिले।

तेजपत्ता के इस घरेलू उत्पादन से न सिर्फ रसोई के लिए ताजा पत्तियाँ हाथ आती हैं, बल्कि यह सस्टेनेबल किचन गार्डनिंग का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण बन जाता है।

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