AI Photo Fact Check: सोशल मीडिया पर हर दिन कई तस्वीरें और वीडियो वायरल होते हैं। इनमें से कुछ सच होते हैं, तो कुछ लोगों को भ्रमित करने के लिए बनाए जाते हैं। इन दिनों ऐसी ही एक तस्वीर तेजी से शेयर की जा रही है, जिसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं। तस्वीर को देखकर कई लोग इसे सच मान रहे हैं, लेकिन जब इसकी पड़ताल की गई तो कहानी कुछ और ही निकली।
आखिर क्या है वायरल तस्वीर में?
वायरल फोटो में अभिजीत दिपके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक-दूसरे से मिलते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए अलग-अलग दावे किए और इसे राजनीतिक बहस का हिस्सा बना दिया।
यह तस्वीर ऐसे समय में वायरल हुई है, जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चर्चा में रही है। पार्टी ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर और पुणे में प्रदर्शन भी किया था।
जब शुरू हुई तस्वीर की जांच
तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल रिवर्स इमेज सर्च का इस्तेमाल किया गया। अगर किसी बड़े नेता की मुलाकात होती है, तो उसकी खबर आमतौर पर मीडिया और आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर जरूर दिखाई देती है। लेकिन इस तस्वीर से जुड़ी कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली।
इसके बाद अभिजीत दिपके के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स भी खंगाले गए, लेकिन वहां भी ऐसी किसी मुलाकात का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
AI ने बना दी थी तस्वीर
जांच के दौरान तस्वीर को कई AI डिटेक्शन टूल्स से भी परखा गया। ‘Hive Moderation’, ‘Sight Engine’ और ‘Image Whisperer’ जैसे टूल्स ने संकेत दिया कि यह फोटो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार की गई है।
कुछ टूल्स ने तो 99 प्रतिशत तक संभावना जताई कि तस्वीर AI-जनरेटेड है। यानी यह किसी असली मुलाकात की तस्वीर नहीं, बल्कि तकनीक की मदद से बनाई गई एक नकली तस्वीर है।
बीजेपी प्रवक्ता ने क्या कहा?
मामले को लेकर बीजेपी प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री से भी बात की गई। उन्होंने वायरल तस्वीर को पूरी तरह फर्जी बताया। उनका कहना था कि यह फोटो AI के जरिए बनाई गई है और इसे गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है
वायरल होने से कोई चीज सच नहीं हो जाती
फैक्ट चेक में यह साफ हो गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अभिजीत दिपके की यह वायरल तस्वीर असली नहीं है। जांच में मिले सबूत बताते हैं कि इसे AI तकनीक से तैयार किया गया है। इसलिए सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर तस्वीर पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें। डिजिटल दौर में सतर्क रहना ही सबसे बड़ी समझदारी है।
