LPG vs PNG: देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और गैस आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने की अपील की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इस कदम से एलपीजी सिलेंडरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ गैस वितरण प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही PNG को पर्यावरण के लिए भी अधिक सुरक्षित और बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
31 मार्च 2026 तक मिल रहे विशेष इंसेंटिव
सरकार और सिटी गैस वितरण कंपनियां उपभोक्ताओं को PNG अपनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दे रही हैं। जानकारी के अनुसार 31 मार्च 2026 तक PNG कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों को कई आकर्षक लाभ दिए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
गैस कंपनियों के आकर्षक ऑफर
PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रमुख गैस कंपनियों ने खास ऑफर शुरू किए हैं:
- Indraprastha Gas Limited (IGL) घरेलू ग्राहकों को 500 रुपये तक की मुफ्त गैस दे रही है।
- Mahanagar Gas Limited (MGL) ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दी है।
- कमर्शियल ग्राहकों के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट (1 लाख से 5 लाख रुपये तक) खत्म किया गया है।
- GAIL Gas Limited और Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) भी अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष सुविधाएं दे रही हैं।
इन ऑफर्स का उद्देश्य अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
PNG क्यों माना जाता है बेहतर विकल्प?
PNG को एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन माना जाता है। इसकी सप्लाई सीधे पाइपलाइन के जरिए होती है, जिससे:
- सिलेंडर बुकिंग की जरूरत खत्म हो जाती है
- डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता
- गैस स्टोरेज की समस्या नहीं रहती
- लगातार गैस सप्लाई उपलब्ध रहती है
इसी वजह से PNG खासतौर पर कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए तेजी से लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है।
CGD नेटवर्क का तेजी से विस्तार
पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पाइप्ड गैस की सुविधा पहुंचाना है। जिन क्षेत्रों में यह सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को PNG अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
