उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही राजनीतिक तापमान चढ़ गया। 6 जनवरी 2026 को चुनाव आयोग ने 2.89 करोड़ नाम काटे, जो कुल मतदाताओं का 18.7% है। विपक्ष इसे बीजेपी की चाल बता रहा है, जबकि सत्ताधारी दल के अपने वोटर कटने से चिंतित। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए—हर कटा नाम सही तरीके से जोड़ें।
ड्राफ्ट सूची का झटका
पहले 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 12.55 करोड़ बचे। कारण: 46.23 लाख मृत, 25.47 लाख डुप्लीकेट, 2.17 करोड़ स्थानांतरित। 6 फरवरी तक दावा-आपत्ति, 6 मार्च अंतिम सूची। योगी ने दिसंबर 2025 में ही चेतावनी दी थी—85-90% कटे वोटर बीजेपी समर्थक।
बीजेपी की टेंशन और योगी का फुल एक्शन
योगी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने मंत्रियों, सांसदों-विधायकों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। हर बूथ पर 200 नए वोटर जोड़ने का टारगेट। योगी बोले, “ये हमारे वोटर हैं, लापरवाही न बरतें।” बीजेपी प्रवक्ता हीरो बाजपेयी ने कहा, पुरानी लिस्ट साफ हुई।
विपक्ष का हल्ला
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आधार लिंकिंग की सलाह दी। प्रवक्ता फखरुल हसन चांद: PDA वोटरों पर नजर। कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय: जल्दबाजी की साजिश। सपा का आरोप—बीजेपी ने हेरफेर किया।
क्या होगा आगे?
1.58 करोड़ फॉर्म-6 पहले ही आए। योगी सरकार ‘मिशन वोटर एडिशन’ पर। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सूची तय करेगी समीकरण। पारदर्शिता पर जोर, लेकिन विवाद बरकरार।
