वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बेटे अग्निवेश की अचानक मौत के बाद अपनी संपत्ति के 75% से अधिक हिस्से को समाज को लौटाने का पुराना वादा दोहराया है। न्यूयॉर्क में स्कीइंग हादसे के बाद इलाज के दौरान 49 वर्षीय अग्निवेश का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया, जिसने पूरे परिवार को गहरा सदमा दिया। भावुक पोस्ट में अनिल ने बेटे के सपनों—आत्मनिर्भर भारत, शिक्षा, महिलाओं और युवाओं के उत्थान—को साझा करते हुए कहा कि वे इसे पूरा करेंगे।
अग्निवेश की मौत का सदमा
अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। अजमेर के मेयो कॉलेज से पढ़े उन्होंने फुजैराह गोल्ड की स्थापना की और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन रहे। वेदांता की तलवंडी साबो पावर लिमिटेड के बोर्ड मेंबर अग्निवेश खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर के रूप में जाने जाते थे। अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना के बाद माउंट सिनाई अस्पताल में ठीक हो रहे थे, लेकिन अचानक दिल का दौरा पड़ने से 7 जनवरी 2026 को उनका निधन हो गया। अनिल ने इसे “जीवन का सबसे काला दिन” बताया।
अनिल अग्रवाल का वादा
एक्स पर पोस्ट में अनिल ने लिखा, “अग्निवेश और मैंने सपना देखा था—कोई बच्चा भूखा न सोए, पढ़ाई से वंचित न रहे, हर महिला आत्मनिर्भर बने और युवाओं को रोजगार मिले।” उन्होंने कहा, “हमने वादा किया था कि कमाई का 75% समाज को लौटाएंगे। आज दोहराता हूं और सादा जीवन जीने का संकल्प लेता हूं।” अनिल पहले भी अविवाहित रहकर संपत्ति दान का ऐलान कर चुके थे। बेटे को “मेरा दोस्त, गौरव, दुनिया” कहते हुए उन्होंने कहा कि अग्निवेश का प्रकाश वे आगे बढ़ाएंगे।
https://x.com/AnilAgarwal_Ved/status/2008937277184233619
परिवार और व्यवसाय पर असर
अग्निवेश सबसे बड़े बेटे थे। अनिल के तीन बेटे—अग्निवेश, नवीन और अग्रिम—वेदांता से जुड़े। यह घटना वेदांता ग्रुप के लिए व्यक्तिगत क्षति है, लेकिन अनिल की सामाजिक प्रतिबद्धता मजबूत बनी रहेगी। उद्योगपति समुदाय ने शोक जताया।
