Agra News: आगरा में रेलवे कर्मचारी अभिषेक सिंह की मौत के बाद रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना की खबर सामने आने के बाद साथी कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी DRM कार्यालय के बाहर जमा हो गए और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर दबाव और कथित शोषण का मुद्दा उठाया।
जानकारी के मुताबिक, अभिषेक सिंह मूल रूप से एक छोटे परिवार से थे और घर के इकलौते बेटे थे। करीब तीन महीने पहले ही उनका प्रयागराज से आगरा ट्रांसफर हुआ था। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ DRM कार्यालय परिसर में बने सरकारी आवास में रहते थे।
पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए अभिषेक
अभिषेक के परिवार में उनकी मां सुशीला देवी, पत्नी आस्था और दो बच्चे हैं। उनका एक बेटा अभी महज चार महीने का है। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद है।
बताया जा रहा है कि उनके सरकारी आवास और कार्यालय के बीच महज 200 मीटर की दूरी थी। पिछले कुछ समय से वह मानसिक तनाव में चल रहे थे। हालांकि, उनके तनाव के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
DRM कार्यालय के बाहर कर्मचारियों का प्रदर्शन
अभिषेक की मौत की खबर सोमवार सुबह रेलवे कर्मचारियों के बीच फैली तो बड़ी संख्या में कर्मचारी DRM कार्यालय के बाहर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां प्रदर्शन शुरू हो गया। कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यस्थल पर कर्मचारियों के साथ कथित गलत व्यवहार और काम के दबाव का मुद्दा उठाया।प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ‘कर्मचारियों का शोषण बंद करो’ और ‘अधिकारियों को जेल भेजो’ जैसे नारे लगाए।
कर्मचारियों ने उठाए काम के दबाव और शोषण के सवाल
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि रेलवे में कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा काम का दबाव बनाया जाता है और उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता है। उनका कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
फिलहाल, अभिषेक की मौत के वास्तविक कारणों और कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इस घटना ने रेलवे में कार्यस्थल के माहौल और कर्मचारियों की मानसिक परेशानियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
