Ganga Expressway: भारी बारिश के बाद बसीरतगंज टोल प्लाजा के पास प्रयागराज की ओर जाने वाले कैरिजवे पर सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। करीब 423.6 किलोमीटर पर सड़क धंसने से लगभग पांच फीट चौड़ा और सात फीट गहरा गड्ढा बन गया।स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित हिस्से से करीब 300 मीटर पहले बैरिकेडिंग कर दी। वाहनों की आवाजाही को दूसरी लेन की ओर डायवर्ट किया गया, ताकि किसी दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके।
मानसून में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हुआ एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे पर इस मानसून में उन्नाव जिले में सड़क क्षतिग्रस्त होने की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। इससे पहले 17 अगस्त को दही थाना क्षेत्र के सोनिक गांव के पास करीब 421 किलोमीटर पर सड़क के किनारे की मिट्टी बह गई थी।उस घटना में लगभग 200 मीटर हिस्से के आसपास सड़क को नुकसान पहुंचा था। अब एक बार फिर सड़क धंसने की घटना सामने आने के बाद एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
36 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजना
गंगा एक्सप्रेसवे करीब 594 किलोमीटर लंबा है और इस परियोजना पर लगभग 36,230 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। इसे उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली प्रमुख सड़क परियोजनाओं में शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई में इसका उद्घाटन किया था। उद्घाटन के समय इसे प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और विकास को गति देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर पेश किया गया था।
बारिश के बाद उठे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद मानसून के दौरान सड़क क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं ने इसके रखरखाव, जल निकासी और निर्माण गुणवत्ता पर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, सड़क धंसने के वास्तविक कारणों का पता संबंधित तकनीकी जांच के बाद ही चल सकेगा।फिलहाल प्रभावित हिस्से पर यातायात को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए बैरिकेडिंग और डायवर्जन किया गया है। यात्रियों से प्रशासन द्वारा लगाए गए संकेतों और डायवर्जन नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
