Uttar Pradesh News: कानपुर सेंट्रल से कानपुर पुल के बाएं किनारे तक रेलवे ब्रिज पर इंजीनियरिंग कार्य गुरुवार से शुरू हो रहा है। इस कार्य के चलते करीब डेढ़ महीने तक लखनऊ और कानपुर के बीच ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहेंगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार यह कार्य सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी है, क्योंकि पुल काफी पुराना हो चुका है और उसकी मरम्मत समय की मांग बन गई थी।
16 ट्रेनें नहीं आएंगी लखनऊ, 27 का बदला रूट
इस दौरान आगरा इंटरसिटी, झांसी इंटरसिटी और पुणे एक्सप्रेस समेत 16 ट्रेनें लखनऊ नहीं आएंगी। वहीं 27 ट्रेनों को डायवर्ट रूट से चलाया जाएगा। शताब्दी एक्सप्रेस भी 13 मई तक गाजियाबाद-मुरादाबाद मार्ग से संचालित होगी और प्रमुख स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
कई ट्रेनें कानपुर तक ही सीमित
आगरा फोर्ट-लखनऊ इंटरसिटी, झांसी इंटरसिटी और पुणे एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें अब केवल कानपुर तक ही आएंगी। वहीं कासगंज-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन को कानपुर अनवरगंज तक सीमित कर दिया गया है। इससे लखनऊ जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।
लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी असर
नई दिल्ली-बरौनी, दरभंगा स्पेशल, उदयपुर-कामाख्या, सूरत-मुजफ्फरपुर और साबरमती-मुजफ्फरपुर जैसी कई लंबी दूरी की ट्रेनें भी इस दौरान लखनऊ से कनेक्ट नहीं होंगी। इसके अलावा गोरखपुर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनें भी प्रभावित रहेंगी।
दैनिक यात्रियों की बढ़ी चिंता
लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए यह स्थिति परेशानी भरी हो सकती है। खासकर नौकरीपेशा और व्यापारिक यात्रियों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
रोडवेज बसें बनेंगी सहारा
रेलवे के विकल्प के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने बस सेवाएं बढ़ाई हैं। आलमबाग और कैसरबाग बस अड्डों से मथुरा, शाहजहांपुर और पीलीभीत के लिए बसें चलाई जाएंगी। हालांकि गर्मियों की छुट्टियों के कारण यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बसों की उपलब्धता कम पड़ सकती है।
रेलवे की सलाह
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले हेल्पलाइन 139 या NTES ऐप के माध्यम से ट्रेनों की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
