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Uttar Padesh:उत्तर प्रदेश में पेंशन योजना के नियम हुए सख्त, अब उम्र सत्यापन के नए दस्तावेज़ ज़रूरी

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था और अन्य पेंशन योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने पेंशन की आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और धोखाधड़ी रोकने के लिए उम्र के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के नियमों में आमूल-चूल बदलाव किए हैं। अब तक आधार कार्ड को ही जन्मतिथि का अंतिम प्रमाण मानकर आवेदन स्वीकार कर लिए जाते थे, लेकिन अब प्रशासन ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।

 अब ये दस्तावेज होंगे ‘फाइनल’

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पेंशन पोर्टल पर अब आधार कार्ड की जन्मतिथि को उम्र का पर्याप्त सबूत नहीं माना जाएगा। शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को जारी सख्त निर्देशों के अनुसार, अब आवेदकों को निम्नलिखित में से कोई एक दस्तावेज अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा:
1. परिवार रजिस्टर की प्रमाणित नकल: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकाय द्वारा जारी प्रमाणित प्रति।
2. स्कूल सर्टिफिकेट (TC/Mark-sheet): शिक्षण संस्थान द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें जन्मतिथि स्पष्ट रूप से अंकित हो।

 नियमों को सख्त करने की जरूरत?

सरकार के संज्ञान में आया था कि कई मामलों में आधार कार्ड में जन्मतिथि को आसानी से अपडेट या संशोधित करवा लिया जाता है, जिससे कई ऐसे लोग भी पेंशन का लाभ उठा रहे थे जिनकी उम्र वास्तव में 60 वर्ष पूरी नहीं हुई थी। इस विसंगति को दूर करने के लिए सरकार ने अब ‘रूट डॉक्यूमेंट्स’ (जड़ से जुड़े दस्तावेज) पर भरोसा करने का फैसला किया है। इसका सीधा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खजाने का पैसा केवल उन पात्र बुजुर्गों तक पहुँचे जो वास्तव में इसके हकदार हैं।

 पोर्टल पर आवेदन में बरतें सावधानी

पेंशन पोर्टल पर फॉर्म भरते समय अब आवेदकों को पहले से कहीं ज्यादा सतर्क रहना होगा। शासन ने निर्देश दिया है कि आवेदन पत्र के सभी कॉलम भरना अनिवार्य है। यदि कोई भी कॉलम खाली छोड़ा जाता है या अधूरी जानकारी दी जाती है, तो सिस्टम द्वारा आवेदन को तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

प्रशासन की सख्त निगरानी

नए आवेदनों की जांच के लिए जिला स्तर पर विशेष टीमों को तैनात किया गया है। डिजिटल डेटा के साथ-साथ इन भौतिक दस्तावेजों का मिलान करने के बाद ही पेंशन की राशि स्वीकृत की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से सिस्टम पहले से कहीं ज्यादा पारदर्शी बनेगा और पात्र लाभार्थियों तक पैसा बिना किसी देरी के समय पर पहुँच सकेगा।

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