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यमुना-गंगा एक्सप्रेसवे कनेक्शन से पश्चिमी यूपी को मिलेगी नई गति

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बरेली से सीधे जोड़ने वाली योजना अब धरातल पर उतर रही है। यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे को लिंक करने वाले इस नए रोड से यात्रा समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक, व्यापारिक तथा पर्यटन विकास को गति मिलेगी।

योजना का विवरण और महत्व

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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के संयुक्त प्रयास से प्रस्तावित यह लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए बरेली से जोड़ेगा। लगभग 60-70 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली-नोएडा-आगरा एक्सप्रेसवे को मेरठ-बरेली एक्सप्रेसवे से सीधे कनेक्ट करेगा। इससे वर्तमान में 4-5 घंटे लगने वाली नोएडा-बरेली यात्रा घटकर मात्र 2 घंटे रह जाएगी।

यात्रा समय और आर्थिक लाभ

यह लिंक रोड नोएडा एयरपोर्ट को पूर्वांचल के प्रमुख शहरों से जोड़ेगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर से बरेली, मुरादाबाद, बरेली हवाई अड्डे और औद्योगिक केंद्रों तक तेज कनेक्टिविटी बढ़ेगी। ईंधन खर्च में 30-40% की कमी और लॉजिस्टिक्स लागत घटने से पश्चिमी यूपी के MSME, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और पर्यटन क्षेत्र फली-फूलेगा। बरेली का आईआईटी, एयर फोर्स स्टेशन और पर्यटन स्थल जैसे नजीबाबाद किला भी एयरपोर्ट से जुड़ेंगे।

क्षेत्रीय विकास पर प्रभाव

  • औद्योगिक उछाल: YEIDA क्षेत्र में प्लॉट आवंटन तेज होगा, निवेश आकर्षित होगा।

  • पर्यटन बढ़ावा: आगरा, मथुरा, बरेली के धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों तक आसान पहुंच।

  • रोजगार सृजन: निर्माण, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में हजारों नौकरियां।

  • रियल एस्टेट बूम: सेक्टर 15C-24A जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी मूल्य दोगुने होने की संभावना।

प्रदेश सरकार ने 2026 तक जेवर एयरपोर्ट के पहले फेज को चालू करने का लक्ष्य रखा है, और यह लिंक रोड उसी मास्टर प्लान का हिस्सा है। भूमि अधिग्रहण और डीपीआर कार्य तेजी से चल रहे हैं।

भविष्य की योजनाएं

केंद्रीय सड़क मंत्रालय और यूपी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी है। गंगा एक्सप्रेसवे (मेरठ-प्रयागराज) के साथ एकीकरण से पूर्वी यूपी को भी फायदा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर NCR को पूर्वांचल से जोड़कर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का विस्तार करेगा।

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