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चारधाम यात्रा में डिजिटल टोकन व्यवस्था: लंबी कतारों की झंझट खत्म

चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार इस वर्ष डिजिटल टोकन व्यवस्था लागू करने जा रही है। जनवरी के अंत में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत मिलेगी और वे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

डिजिटल टोकन व्यवस्था का उद्देश्य

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हर वर्ष लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती रहा है। पिछले वर्षों में कतारों में घंटों इंतजार, स्वास्थ्य समस्याएं और यात्रा में असुविधा की शिकायतें आम रहीं। नई डिजिटल टोकन प्रणाली से प्रत्येक यात्री को एक विशिष्ट समय स्लॉट आवंटित होगा, जिसके आधार पर वे यात्रा कर सकेंगे। यह व्यवस्था यात्रा को व्यवस्थित, सुरक्षित और कुशल बनाएगी।

कैसे काम करेगी यह व्यवस्था?

श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से पहले से टोकन बुक करेंगे। इसमें आधार कार्ड, फोटो और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जैसे विवरण भरने होंगे। टोकन पर निर्धारित तारीख और समय लिखा होगा, जिसका पालन अनिवार्य होगा। गत वर्ष अमरनाथ यात्रा और तिरुपति बालाजी मंदिर में सफलतापूर्वक लागू इस प्रणाली को चारधाम के लिए अनुकूलित किया जा रहा है। इससे यात्रा मार्ग पर भीड़ कम होगी, पार्किंग और आवास व्यवस्था बेहतर होगी।

जनवरी अंत की बैठक में क्या तय होगा?

उत्तराखंड सरकार की ओर से आयोजित इस बैठक में राज्य सरकार, चारधाम देवस्थानम बोर्ड, IT विशेषज्ञ और सुरक्षा एजेंसियां शामिल होंगी। मुख्य एजेंडे में टोकन बुकिंग पोर्टल का डिजाइन, सर्वर क्षमता, ऑफलाइन बैकअप, हेल्पलाइन नंबर और जागरूकता अभियान शामिल हैं। मीटिंग के बाद फरवरी से टेस्टिंग शुरू हो सकती है, ताकि अप्रैल-मई में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले सब कुछ तैयार रहे।

यात्रियों और पर्यटन को लाभ

  • समय की बचत: कतारों में इंतजार खत्म, सीधे दर्शन।

  • सुरक्षा: स्वास्थ्य जांच अनिवार्य, बुजुर्गों और बीमारों के लिए विशेष कोटा।

  • पर्यटन बढ़ावा: व्यवस्थित यात्रा से अधिक श्रद्धालु आकर्षित होंगे।

  • आर्थिक लाभ: स्थानीय होटल, गाइड और व्यापारियों को फायदा।

पिछले वर्ष 16 लाख से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए थे, और इस वर्ष संख्या बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने हेलीकॉप्टर सेवाओं और ऑक्सीजन सेंटरों का भी विस्तार करने की योजना बनाई है।

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