Uttrakhand News: चारधाम यात्रा 2026 में इस बार श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। यात्रा शुरू होने के सिर्फ 47 दिनों में ही दोनों धामों में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है, जिससे साफ है कि लोगों की आस्था और विश्वास और मजबूत हुआ है।
10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 4 जून तक गंगोत्री और यमुनोत्री में कुल 10,15,852 श्रद्धालु पहुंच चुके थे। इनमें यमुनोत्री में 4,98,367 और गंगोत्री में 5,17,485 भक्तों ने दर्शन किए। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या लगभग 9,44,804 थी। यानी इस बार करीब 71,048 अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। कुल मिलाकर यात्रियों की संख्या में लगभग 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यात्रा मार्गों पर बढ़ा यातायात दबाव
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ-साथ यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही भी काफी बढ़ गई है। अब तक लगभग 99,165 वाहन यात्रा मार्गों पर चल चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या में छोटे और बड़े वाहन शामिल हैं। प्रशासन लगातार ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए निगरानी कर रहा है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद ली है। पूरे यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बेहतर व्यवस्था के लिए क्षेत्रों का विभाजन
भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पूरे यात्रा क्षेत्र को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। इसे दो सुपर जोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इससे प्रशासन को भीड़ और यातायात को संभालने में आसानी हो रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर पूरा ध्यान
लगातार बढ़ती भीड़ के बावजूद प्रशासन का दावा है कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से चल रही है। सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके। चारधाम यात्रा का यह उत्साह एक बार फिर दिखाता है कि गंगोत्री और यमुनोत्री देशभर के भक्तों की आस्था के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।
