Char Dham Yatra में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। यात्रा शुरू होने के बाद अब ऑफलाइन पंजीकरण में भी तेजी देखने को मिल रही है। ऋषिकेश में ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण कराने वाले यात्रियों की संख्या 5 हजार के पार पहुंच गई है, जबकि हरिद्वार, ऋषिकेश और विकासनगर को मिलाकर यह आंकड़ा 10 हजार से अधिक हो चुका है।
10 मई के बाद और बढ़ सकती है भीड़
चारधाम यात्रा प्रशासन और नियंत्रण संगठन का अनुमान है कि 10 मई के बाद यात्रियों की संख्या में और इजाफा होगा। मई में स्कूलों की छुट्टियां शुरू होने और मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहाड़ों की ओर रुख करते हैं। हर साल 15 से 20 जून के बीच यात्रा अपने चरम पर पहुंचती है।
30 काउंटरों पर हो रहा पंजीकरण
इस बार Char Dham Yatra 19 अप्रैल से शुरू हुई थी, जो पिछले साल की तुलना में करीब 10 दिन पहले शुरू हुई। ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च से शुरू कर दिया गया था, जबकि ऑफलाइन पंजीकरण 17 अप्रैल से शुरू हुआ। फिलहाल ऋषिकेश में 30 काउंटरों पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में मोबाइल टीमों को भी सक्रिय किया जाएगा।
होटल और ट्रांजिट कैंप में भी मिलेगी सुविधा
प्रशासन की योजना है कि ज्यादा भीड़ होने पर मोबाइल टीमें होटल, धर्मशाला और ट्रांजिट कैंप में जाकर यात्रियों का पंजीकरण करेंगी। इससे यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी और प्रक्रिया आसान होगी।
सुरक्षा के लिए फेस रिकग्निशन कैमरे
Himanshu Kandpal ने पंजीकरण काउंटरों का निरीक्षण किया। इस बार सुरक्षा के लिए फेस रिकग्निशन कैमरे लगाए गए हैं, जो यात्रियों की पहचान सत्यापित करने में मदद करेंगे। यह व्यवस्था भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए की गई है।
धार्मिक पुस्तकों और स्थानीय व्यंजनों का आकर्षण
ट्रांजिट कैंप में Gita Press की मोबाइल वैन के जरिए धार्मिक पुस्तकों की बिक्री हो रही है। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जो यात्रियों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
