Lucknow News:लखनऊ में सेकेंड हैंड गाड़ियों को खरीदने और बेचने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब यह पूरा काम पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान होने जा रहा है। सरकार ने मोटर व्हीकल नियमों में बदलाव करते हुए ”अधिकृत डीलर (ADR-V)” नाम की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।
अब सारी जानकारी होगी ऑनलाइन
नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब हर सेकेंड हैंड कार डीलर को अपनी सारी गाड़ियों की जानकारी एक ऑनलाइन पोर्टल पर डालनी होगी। यानी ग्राहक घर बैठे ही देख सकेगा कि किस डीलर के पास कौन सी गाड़ियां उपलब्ध हैं।इस डिजिटल सिस्टम को एनआईसी लखनऊ ने तैयार किया है। इसका ट्रायल 8 अप्रैल को सफल रहा और अब इसे जल्द ही पूरे शहर में लागू किया जाएगा।
गाड़ी बेचते ही खत्म होगी मालिक की जिम्मेदारी
अब तक लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी इसी बात से होती थी कि गाड़ी बेचने के बाद भी वह कानूनी तौर पर मालिक बने रहते थे। अगर डीलर समय पर ट्रांसफर नहीं कराता था, तो पुराने मालिक को आरटीओ के चक्कर लगाने पड़ते थे।नई व्यवस्था में जैसे ही गाड़ी अधिकृत डीलर को बेची जाएगी, पुराने मालिक की जिम्मेदारी खत्म हो जाएगी। इसके बाद सारी प्रक्रिया की जिम्मेदारी डीलर की होगी।
पहले ऑफलाइन था पूरा सिस्टम
अभी तक सेकेंड हैंड कार बाजार में ज्यादातर काम ऑफलाइन तरीके से होता था। कई बार सिर्फ कागजी एग्रीमेंट पर गाड़ी रख ली जाती थी और असली ट्रांसफर बाद में अटक जाता था। इसी वजह से कई तरह की दिक्कतें और विवाद भी सामने आते थे।
अब आएगा ज्यादा भरोसा और पारदर्शिता
नई व्यवस्था के आने से पूरा सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बन जाएगा। डीलरों को भी अब नियमों का पालन करना होगा और रजिस्ट्रेशन लेना जरूरी होगा।डीलरों को 5 साल का लाइसेंस दिया जाएगा और उन्हें पंजीकरण प्राधिकारी से प्रमाण पत्र भी लेना होगा। परिवहन विभाग का मानना है कि इससे सेकेंड हैंड गाड़ियों का बाजार ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित बनेगा।अब पुरानी गाड़ी खरीदना या बेचना पहले से कहीं ज्यादा आसान और टेंशन-फ्री हो जाएगा।
