Auto News: देश में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लॉन्च की गई मारुति सुजुकी वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल को बाजार में उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जून महीने में इस कार की केवल 3 यूनिट्स ही बिक सकीं। शानदार तकनीक और बड़े दावों के बावजूद ग्राहकों की दिलचस्पी बेहद कम देखने को मिली।
कीमत बनी बड़ी चुनौती
मारुति की इस फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 7.23 लाख रुपये है। यह सामान्य पेट्रोल वैगनआर की तुलना में करीब 86,000 रुपये महंगी है। ऐसे में कई ग्राहक अतिरिक्त कीमत चुकाने से बच रहे हैं, खासकर तब जब उन्हें इसके फायदे पूरी तरह समझ नहीं आ रहे।
आखिर क्या है फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक?
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (FFV) ऐसे इंजन के साथ आते हैं जो पेट्रोल और इथेनॉल के अलग-अलग मिश्रण पर आसानी से चल सकते हैं। यह वैगनआर E20 से लेकर E85 तक के मिश्रण पर चलने में सक्षम है और कुछ परिस्थितियों में E100 (100% इथेनॉल) पर भी ऑपरेट करने के लिए डिजाइन की गई है।इस तकनीक का उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देना है।
बिक्री कम होने की क्या वजह है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार की कमजोर बिक्री के पीछे कई कारण हैं।इथेनॉल फ्यूल को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी,फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को लेकर कई गलतफहमियां,सोशल मीडिया पर E20 और इथेनॉल फ्यूल को लेकर फैली नकारात्मक खबरें,देशभर में हाई-ब्लेंड इथेनॉल फ्यूल की सीमित उपलब्ध,सामान्य मॉडल की तुलना में ज्यादा कीमत,इन सभी कारणों ने ग्राहकों के खरीदारी फैसले को प्रभावित किया है।
इस कार में क्या है खास?
फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक के कारण इस कार के फ्यूल सिस्टम में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इसमें मजबूत फ्यूल लाइन, विशेष फ्यूल इंजेक्टर्स, नमी से बचाने वाले सील्स और खास तौर पर तैयार किया गया इंजन मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है। ये सभी बदलाव इथेनॉल के रासायनिक गुणों को ध्यान में रखकर किए गए हैं।
ग्रीन एनर्जी की दिशा में अहम कदम
मारुति सुजुकी ने इस प्रोजेक्ट की पहली डिलीवरी इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधियों को दी थी। इसका उद्देश्य देश में इथेनॉल आधारित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। सरकार भी लंबे समय से इथेनॉल ब्लेंडिंग को प्रोत्साहित कर रही है ताकि पेट्रोल आयात पर निर्भरता कम हो और प्रदूषण में कमी आए।
आगे क्या होगा?
मारुति की फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर तकनीकी रूप से भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। हालांकि इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि देश में इथेनॉल फ्यूल की उपलब्धता कितनी बढ़ती है और लोग इस नई तकनीक पर कितना भरोसा जताते हैं। यदि जागरूकता बढ़ती है और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है, तो आने वाले समय में फ्लेक्स-फ्यूल कारों की मांग में तेजी देखने को मिल सकती है।
