Central Railway के स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों को अब खाने-पीने के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। रेलवे प्रशासन ने स्टेशनों पर मौजूद छोटे स्टैटिक केटरिंग स्टॉल्स पर मिलने वाले कई लोकप्रिय स्नैक्स की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 जून से लागू होंगी।
रेलवे का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य खाने की गुणवत्ता में सुधार करना, केटरिंग व्यवस्था को व्यवस्थित बनाना और ओवरचार्जिंग पर रोक लगाना है। इसके साथ ही वेंडर्स को तय मानकों का पालन करने और बेहतर क्वालिटी का भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
किन चीजों के बढ़े दाम?
नई दरों के तहत कई लोकप्रिय स्नैक्स अब महंगे हो जाएंगे। रेलवे द्वारा जारी नए रेट कार्ड के अनुसार:
- आलू वड़ा (50 ग्राम) – ₹15
- वड़ा के साथ एक पाव – ₹5
- वेज समोसा – ₹20
- वेज पफ – ₹20
- साबूदाना वड़ा – ₹20
- वेज पिज़्ज़ा – ₹50
- पाव भाजी – ₹50
ये नई कीमतें उन स्टेशनों पर लागू होंगी जहां छोटे स्टैटिक स्टॉल्स के जरिए फास्ट फूड बेचा जाता है।
साउथ इंडियन फूड भी हुआ महंगा
रेलवे ने कुछ साउथ इंडियन फूड आइटम्स की कीमतों में भी बदलाव किया है। नए रेट के अनुसार:
- मसाला डोसा – ₹35
- इडली (2 पीस, सांभर और चटनी के साथ) – ₹30
हालांकि कुछ लोकप्रिय स्नैक्स की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- मिसल पाव – ₹35
- कचौरी – ₹15
- दाबेली – ₹20
वेंडर्स पर रहेगी सख्त निगरानी
रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि यात्रियों से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएंगे। सभी स्टॉल्स पर दो भाषाओं में रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य किया गया है ताकि यात्रियों को कीमतों की सही जानकारी मिल सके।
इसके अलावा खाने की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी वेंडर्स की होगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
यात्रियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
रेलवे का दावा है कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर गुणवत्ता का खाना मिलेगा। हालांकि कई यात्रियों का मानना है कि रोजमर्रा की यात्रा के दौरान खाने-पीने पर होने वाला अतिरिक्त खर्च अब जेब पर असर डाल सकता है।
अब सभी की नजर 1 जून के बाद लागू होने वाली इस नई व्यवस्था पर रहेगी कि यह यात्रियों के लिए कितनी सुविधाजनक और प्रभावी साबित होती है।
