आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जितनी तेजी से लोगों की जिंदगी आसान बना रहा है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधी भी इसका गलत इस्तेमाल करने लगे हैं। इसी चुनौती को देखते हुए केंद्र सरकार ने AI आधारित साइबर खतरों से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को और मजबूत कर दिया है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि सरकार सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह साइबर स्पेस बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है।
AI से होने वाले साइबर हमलों पर सरकार की नजर
जितिन प्रसाद ने बताया कि इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) अब AI आधारित सिस्टम की मदद से फिशिंग वेबसाइटों, फर्जी डोमेन और साइबर हमलों की पहचान कर रही है। इससे खतरों का पहले ही पता लगाकर समय रहते कार्रवाई करना आसान हो गया है। साथ ही सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म की AI आधारित सुरक्षा जांच भी की जा रही है ताकि कमजोरियों को जल्दी दूर किया जा सके।
कई सेक्टरों में हुए साइबर सुरक्षा अभ्यास
सरकार ने जून और जुलाई 2026 के दौरान “Building Resilience against Frontier AI-driven Cyber Threats” विषय पर 10 साइबर सुरक्षा अभ्यास और ड्रिल आयोजित किए। इनमें 345 सरकारी और निजी संस्थानों के 1,470 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बिजली, बैंकिंग, टेलीकॉम, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को इसमें शामिल किया गया।
विशेषज्ञ तैयार करने पर भी जोर
सरकार केवल तकनीक पर ही नहीं बल्कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ तैयार करने पर भी काम कर रही है। CERT-In और SISA द्वारा शुरू किया गया Certified Security Professional in Artificial Intelligence (CSPAI) कार्यक्रम AI सिस्टम की सुरक्षा से जुड़े पेशेवरों को प्रशिक्षित कर रहा है। इसके अलावा सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए नियमित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण भी आयोजित किए जा रहे हैं।
नई गाइडलाइन और एडवाइजरी भी जारी
सरकार ने AI आधारित साइबर खतरों को देखते हुए कई नई गाइडलाइन और एडवाइजरी जारी की हैं। इनमें AI आधारित सुरक्षा परीक्षण, लगातार निगरानी, समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और जनरेटिव AI के सुरक्षित उपयोग से जुड़े दिशा-निर्देश शामिल हैं। इनका उद्देश्य सरकारी संस्थानों, कंपनियों, MSME और आम नागरिकों को साइबर हमलों से बेहतर सुरक्षा देना है।
सुरक्षित डिजिटल भारत की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि AI भविष्य की तकनीक है, लेकिन इसके साथ साइबर सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। इसलिए AI के फायदे लेते हुए डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित रखना प्राथमिकता बनाई गई है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि AI आधारित सुरक्षा तकनीक और जागरूकता अभियान आने वाले समय में भारत की साइबर सुरक्षा को और मजबूत करेंगे।
