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Independence Day 2026: इन प्रधानमंत्रियों क्यों कभी नहीं फहराया लाल किले पर तिरंगा, जानें वजह

Independence Day 2026: गुलजारी लाल नंदा देश के दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे। पहली बार उन्होंने 27 मई से 9 जून 1964 तक और दूसरी बार 11 जनवरी से 24 जनवरी 1966 तक प्रधानमंत्री पद संभाला। दोनों ही कार्यकाल 15 अगस्त तक नहीं पहुंचे। यही वजह रही कि उन्हें लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने का मौका नहीं मिला।

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नंदा का जन्म 4 जुलाई 1898 को सियालकोट में हुआ था। उन्होंने आगरा और इलाहाबाद में शिक्षा हासिल की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में उन्होंने श्रम संबंधी विषय पर शोध किया और कानून की पढ़ाई भी की। हालांकि, उनकी राजनीतिक पहचान बाद में बंबई और गुजरात से बनी।

चौधरी चरण सिंह का कार्यकाल भी रहा छोटा

देश के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह भी लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा नहीं फहरा सके। वह 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक प्रधानमंत्री रहे। उनका कार्यकाल करीब पांच महीने 17 दिन का रहा और 15 अगस्त आने से पहले ही सरकार गिर गई।

यूपी से था गहरा रिश्ता

चौधरी चरण सिंह का उत्तर प्रदेश से बेहद गहरा संबंध था। उनका जन्म 23 दिसंबर 1902 को नूरपुर, मेरठ में हुआ था। उन्होंने यूपी की राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और दो बार राज्य के मुख्यमंत्री भी रहे।

किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे उनकी राजनीति के केंद्र में रहे। वह बागपत से कई बार लोकसभा सांसद भी रहे।

इस तरह स्वतंत्र भारत के इतिहास में गुलजारी लाल नंदा और चौधरी चरण सिंह ऐसे दो प्रधानमंत्री रहे, जिनके कार्यकाल में 15 अगस्त नहीं आया और इसलिए उन्हें लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर नहीं मिला।

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